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जांच अधिकारी से जवाब तलब

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पुलिस हिरासत में आरोपी की पिटाई पर जांच अधिकारी से जवाब-तलब
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आरोपी ने पुलिस कस्टडी में करंट लगाने और मारपीट के लगाए थे आरोप
अदालत के आदेश पर हुए मेडिकल में आए चोट के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पुलिस कस्टडी में युवक की पिटाई करने के मामले में जिला अदालत ने जांच अधिकारी सेक्टर-31 थाना के हेड कांस्टेबल कदम सिंह
से जवाब तलब किया है। अदालत ने यह आदेश आरोपी की मेडिकल रिपोर्ट में उसे कई जगह इंजरी के निशान आने के बाद दिए हैं। खास बात यह रही कि एक ही दिन के 12 बजे के बनाए मेडिकल में आरोपी के कोई इंजरी नहीं थी, जबकि तीन घंटे बाद अदालत के आदेश पर हुए मेडिकल में सब सच सामने आ गया। इस पर अदालत ने जांच अधिकारी से 27 मार्च को मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। वहीं इसी दिन आरोपी की जमानत याचिका पर भी पुलिस को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार सेक्टर-31 थाना पुलिस में 24 जनवरी को आईटीबीपी में तैनात विक्रम सिंह ने उनकी एक्टिवा जापानी गार्डन के गेट के पास से चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में हेड कांस्टेबल कदम सिंह ने जांच के बाद रामदरबार निवासी हरिओम सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया तो हरिओम ने अदालत में पुलिस द्वारा मारपीट, करंट लगाने समेत अन्य यातनाएं देने का आरोप लगाया।
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हरिओम के अनुसार हेड कांस्टेबल कदम सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे थाने की बेसमेंट में बांधकर मारपीट की और उसके बाद उसके सारे कपड़े उतारकर करंट लगाया। अदालत ने हरिओम से लिखित शिकायत देने को कहा। वहीं पुलिस से मेडिकल मांगा तो उसमें हरिओम के शरीर पर कोई चोट के निशान न होना पाया गया था। जबकि, हरिओम ने अदालत को चोट के कई निशान दिखाए।
इस पर अदालत ने पुलिस से हरिओम का फिर से उसी वक्त मेडिकल करवाने के आदेश दिए। 3 घंटे बाद कोर्ट में पेश मेडिकल में हरिओम के शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए। इस पर अदालत ने जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल कदम सिंह से मामले में 27 मार्च को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए है।
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तीन घंटे में ही मेडिकल में सच आया बाहर
एडवोकेट जीएस सैनी के अनुसार पुलिस ने हरिओम को मामले में झूठा फंसाया है। उसे करंट लगाकर उससे मारपीट कर जबरन खाली पेज पर साइन करवाकर उससे जुर्म कबूल करवाया गया है। वहीं उनके अनुसार जांच अधिकारी ने सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल से 12 बजे मेडिकल बनवाया था। उस मेडिकल के अनुसार हरिओम के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। वहीं अदालत के आदेश पर 3 बजे कराए मेडिकल में उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए। इसके अलावा हरिओम का शुक्रवार को एमए फर्स्ट ईयर का एग्जाम भी था जो उसे गलत फंसाए जाने के कारण छूट गया।
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