जिला अदालत में बिचौलिए फिर सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत में इन दिनों चालान भरने वालों से बिचौलिए जमकर वसूली कर रहे हैं। एक-एक चालान भरने के नाम पर लोगों से 4 से 5 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। वहीं कुछ बिचौलिए तो ड्रंकन ड्राइव के चालान पर लाइसेंस सस्पेंड न होने देने का दावा कर लोगों से 5 हजार रुपये तक ले रहे हैं। दो दिन पहले विजिलेंस की टीम ने दौरा भी किया था, लेकिन उनके आने की भनक लगते ही सभी बिचौलिए अंडरग्राउंड हो गए थे। शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने शहर में कई जगह नाके लगाकर चालान और वाहन इंपाउंड किए थे। सोमवार को ये लोग चालान जमा करवाने और वाहन छुड़ाने अदालत पहुंचे तो बिचौलिए आगे-पीछे घूमते रहे।
5 हजार मांगे थे, मगर मैंने खुद भरा चालान
मोहाली निवासी जसमिंदर (बदला हुआ नाम) के अनुसार उनका शनिवार को ड्रंकन ड्राइव का चालान हुआ था। सोमवार को वह कोर्ट पहुंचे तो एक एजेंट ने 5 हजार रुपये में चालान छुड़ाने की बात कही। साथ ही लाइसेंस सस्पेंड न होने देने की बात भी कही। उन्होंने बाद में खुद चालान भुगता तो कोर्ट ने उन पर 1 हजार रुपये जुर्माना लगाया, हालांकि तीन महीने के लिए उनका लाइसेंस सस्पेंड हो गया है।
लाइसेंस सस्पेंड हो गया मगर फिर भी बिचौलिए को दो हजार दिए
रामदरबार निवासी अशोक के अनुसार एक बिचौलिए ने उन्हें 4 हजार रुपये में चालान छुड़ाने और लाइसेंस कैंसिल होने से बचाने की पेशकश की थी। वह पैसे देने को राजी थे, लेकिन उनका लाइसेंस सस्पेंड हो ही गया। वहीं कोर्ट ने एक हजार रुपये जुर्माना लगाया, जबकि बिचौलिए ने उनसे 2 हजार रुपये लिए।
सेशन जज ने तैनात कर दी थी विजिलेंस की टीम
जनवरी में ड्रंकन ड्राइव, रेड लाइट जंप और ड्राइव करते हुए फोन पर बात करने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने के आदेश हुए थे। जनवरी में जिला अदालत में यह लागू होने के बाद से बिचौलियों की पौ बारह हो गई थी। जनवरी में यह मुद्दा उठाने के बाद सेशन जज ने कोर्ट परिसर में बिचौलियों की एंट्री बंद करने के उद्देश्य से वहां विजिलेंस की टीम तैनात करवाई थी। इसका असर यह रहा था कि कुछ दिन तक सभी बिचौलिए अंडरग्राउंड हो गए, लेकिन विजिलेंस टीम के सुस्त पड़ने पर यह फिर से सक्रिय हो गए हैं।
ड्रंकन ड्राइव का 4 से 5 हजार रुपये वसूल रहे, लाइसेंस सस्पेंड करने से भी बचाने का दे रहे झांसा
विजिलेंस की टीम तैनात करवाने का भी नहीं दिख रहा कोई असर