‘मेरा सामना कई बार मौत से हुआ है’
टीएफटी विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल : कोर्ट मार्शल ने जीत लिया दर्शकों का दिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
मेरा सामना कई बार मौत से हुआ है, मैंने बहुत से लोगों की जान ली है। युद्ध के मैदान में भी और कोर्ट मार्शल में भी...। कर्नल सूरत सिंह के इस संवाद से ‘कोर्ट मार्शल’ नाटक का आगाज दर्शकों के बीच भारतीय सेना के साहस और जज्बे का संदेश दे गया।
टीएफटी विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दौरान बाल भवन सेक्टर-23 के मंच पर मंचित यह नाटक एक सैनिक की कहानी है, जो अपने ही अधिकारी की हत्या व जानलेवा हमले का आरोप झेल रहा है। भारतीय पुरातत्वपंथी व समाज में मौजूद जातिवाद व सामंतवाद की भावना पर कटाक्ष करते हुए इस नाटक ने दर्शकों को प्रभावित किया। स्वदेश दीपक के लिखे इस नाटक में दिखाया गया है कि किस प्रकार उच्च जाति वर्ग के अधिकारी नीची जाति से संबंध रखने वाले कैप्टन रामचंद्र को मानसिक प्रताड़ना देते हुए उसका जीना मुहाल कर देते हैं। परिस्थितियां जब बर्दाश्त से बाहर होती हैं तो तब कैप्टन अपनी राइफल से अधिकारियों पर गोली चला देता है। इसके बाद उस पर कोर्ट मार्शल होता है। वकील की ओर से कैप्टन के जुर्म को साबित करने से अधिक उन परिस्थितियों को उजागर करना था, जिसमें उसने गोली चलाई। वास्तव में नाटकका पहला मंत्र, जो उसे नाटक बनाता है, उसका समाज-बोध व मंचन है। स्वदेश दीपक का कोर्ट मार्शल अपने लेखन से लेकर मंचन तक इस सामाजिक उत्तरदायित्व और रंग-प्रक्रिया को बखूबी निभाता आया है।
नाटक में यह एक्टर
नितिन शर्मा, शरनजीत सिंह, पवन कुमार, सौरभ शर्मा, तेजभान गांधी, अंजलि सिंह, गुरप्रीत सिंह, नरेश भगत, जसपाल सिंह, हरविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, अनुराज, नवदीप सिंह। इस नाटक का निर्देशन किया हरविंदर सैंटी और लाइट्स थीं गुरप्रीत सिंह ने। इसका सेट डिजाइन किया जैके शर्मा और कास्ट्यूम डिजाइन किया प्रिंस शर्मा ने।
आज की युवा पीढ़ी ने जीता दिल
चंडीगढ़। टीएफटी विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दौरान संवाद थिएटर ग्रुप द्वारा स्ट्रीट प्ले आज की युवापीढ़ी का मंचन किया गया। इसका लेखन और निर्देशन मयंक सिंह ने किया था। सेक्टर-17 के प्लाजा में आयोजित इस नुक्कड़ नाटक का उद्देश्य युवाओं में संदेश देना था। इस नुक्कड़ नाटक में ट्रैफिक लाइट्स, एयर और इंटरनेट तीन कैरेक्टर थे। एक के बाद यह सभी अपनी स्थिति के बारे में बताया।
मार्बल चिप्स से बनाया गैलेक्सी
चंडीगढ़ के बाल भवन में टीएफटी विंटर थिएटर फेस्टिवल के दौरान आर्टिस्ट सावन मैडमैन ने मार्बल के चिप्स की मदद से एक घंटे में एक गैलेक्सी का डिजाइन तैयार कर डाला। सावन ने बताया कि वह आर्ट वर्क में खासी रुचि रखते हैं। खासतौर से उनका आर्ट वर्क टीशर्ट पर पेंटिंग, दीवारों पर पेंटिंग का है। इसके साथ ही उनकी रुचि कविताओं के लेखन पर रहती है।