संवाद न्यूज एजेंसी
रोपड़। आईआईटी रोपड़ के 14वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में 720 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। जिनमें 354 बी.टेक, 181 एम.टेक, 69 एम.एससी, 114 पीएचडी और 2 बी.टेक-एम.टेक दोहरी डिग्रियां शामिल हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में स्नातक छात्रों की संख्या में 31.87% की वृद्धि दर्शाता है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत माधव वैद्य यहां मुख्य अतिथि थे। आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने समारोह की अध्यक्षता की। शैक्षणिक उत्कृष्टता को विभिन्न पदकों और पुरस्कारों के माध्यम से मान्यता दी गई। इस दौरान चावड़ा जयराज सिंह को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक और धनंजय गोयल को निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। ये दोनों पदक कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग से प्राप्त हुए। कई छात्रों को संस्थान रजत पदक, सर्वश्रेष्ठ पीएचडी थीसिस पुरस्कार और विभिन्न विषयों में योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रो. राजीव आहूजा ने ने बताया कि भारत के 30 फीसदी डीप-टेक कृषि स्टार्टअप अब इसी संस्थान से आते हैं, जिसने डिजिटल कृषि में बीटेक भी शुरू किया है और कृषि मंत्रालय के लिए कृषि के लिए एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) विकसित कर रहा है। प्रो. राजीव आहूजा ने कहा, हम एक ट्रेंडसेटर बनना चाहते हैं, और हमारे छात्र हमारे सबसे बड़े राजदूत हैं। आप आईआईटी रोपड़ के ध्वजवाहक हैं, और आपकी उपलब्धियों से संस्थान को पहचान और गौरव प्राप्त होता है। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई ने स्नातकों को अपने संस्थान से जुड़े रहने और इसके निरंतर विकास में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। सफलता पहचान दिलाती है, और आईआईटी रोपड़ में आपकी जड़ें हमेशा आपको परिभाषित करेंगी। मुख्य अतिथि, श्री श्रीकांत माधव वैद्य ने एक प्रेरक भाषण दिया और स्नातकों से भारत को ऊर्जा संप्रभुता की ओर ले जाने का आग्रह किया।