चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए चंडीगढ़ सीट से अपनी दावेदारी पेश वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन टिकट न मिलने के बाद सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के समक्ष थे। इस दौरान उनका दर्द फूट पड़ा। पार्टी की उम्मीदवार किरण खेर, मेयर मेयर राजेश कालिया और तमाम पार्टी पदाधिकारियों के समाने टंडन ने कहा कि आज वह अपना दर्द सबसे साझा कर रहे हैं। टंडन ने कहा कि परिवार में कई बार ऐसा होता है कि किसी की बात मानी जाती है, किसी की नहीं। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है लेकिन परिवार से बिछड़ कर किसी भी नेता का फायदा नहीं हुआ है। चाहे वो उमा भारती हों, मदन लाल खुराना हों या फिर कल्याण सिंह। परिवार में रूठना और मनाना चलता रहता है। ऐसे में परिवार और खुद से अलग होकर नहीं चला जाता।
संजय टंडन यही नहीं रुके उन्होंने आगे भी उदाहरण देते हुए बताया कि जब नाली में उतर ही चुके हैं तो एक-एक कर बाहर निकलेंगे। सबको अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए। इस दौरान इशारों-इशारों में टंडन ने सबकुछ कह दिया। इस दौरान भाजपा की उम्मीदवार सांसद किरण खेर मंच पर बैठीं सबकुछ सुनती रहीं और टंडन के इस अप्रत्याशित भाषण पर वह भी अचरज में दिखीं। टंडन से पहले अपने संबोधन में किरण खेर ने कहा कि भाजपा की खूबसूरती है कि यहां पहले देश, फिर पार्टी और उसके बाद व्यक्ति होता है। चुनाव के लिए हर कार्यकर्ता को सिर्फ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं बल्कि दिल मिलाकर चलना चाहिए ताकि भारी मतों से जीतकर चंडीगढ़ की सीट प्रधानमंत्री मोदी के झोली में जाए।
प्रबल दावेदारों में थे टंडन, टिकट नहीं मिलने से हैं निराश
पिछले करीब 10 साल से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर आसीन संजय टंडन ने इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट पाने के लिए काफी जोर लगा रखा था। वह प्रबल दावेदारों में भी थे। आखिरी समय तक सस्पेंस बना हुआ था कि टिकट किसे मिलेगा। इस जोर आजमाइश के चलते कई बार सांसद किरण खेर और संजय टंडन एक दूसरे से खिलाफ भी हो गए, लेकिन टिकट पाने की इस जोड़-तोड़ में सांसद किरण खेर जीत गईं। किरण खेर के नाम की घोषणा के बाद से टंडन के खेमे में काफी मायूसी थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक टिकट की घोषणा के बाद टंडन नाराज हो गए, उन्हें मनाने के लिए संघ के पदाधिकारियों का सहारा लेना पड़ा। काफी मान- मनौव्वल के बाद टंडन एक बार फिर से पार्टी के प्रचार में जुट गए हैं, लेकिन सोमवार को टंडन टिकट न पाने का दर्द बयां किए बिना नहीं रह पाए और इशाराें-इशारों में किरण खेर और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के सामने सबकुछ कह दिया।