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चिड़ियों की चहचहाहट और प्राकृतिक सौंदर्य से मिटेगा तनाव

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चंडीगढ़। एक ओर चिड़ियों की चहचहाहट...दूसरी ओर सतरंगी चिड़ियां और जरा सी नजर उठेगी तो सामने दिखाई देंगे ऑस्ट्रेलियन और अफ्रीका के परिंदे। कुछ ऐसा ही दृश्य न सिर्फ आपकी आंखों को सुकून देगा बल्कि पक्षियों की चहचहाहट आपके तनाव को भी दूर करेगी। यह होगा चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से फारेस्ट एरिया में विकसित किए जाने वाले बर्ड पार्क में। पक्षियों से प्रेम करने वाले चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की विशेष अनुशंसा पर चालीस एकड़ में विकसित किए जाने वाले बर्ड पार्क में आपको यही कुछ दिखाई देगा।
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सुखना लेक के बैक साइड और कैंबवाला के मध्य सिटी फॉरेस्ट की जमीन पर यह बर्ड पार्क विकसित किया जाएगा। प्रशासन की ओर से इस पर तेजी से काम चल रहा है। यह बर्ड पार्क छतबीड़ जू की तर्ज पर बनाया जाएगा। इस पार्क की खास बात यह है कि यहां पक्षियों को रोकने के लिए जाल तो लगाया जाएगा, लेकिन यह इतना हल्का और ऊंचाई पर होगा कि लोग आसानी से समझ नहीं पाएंगे यहां जाल लगा हुआ है या नहीं। प्रयास है कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सिटीजन, टूरिस्ट और नेचर लवर्स यहां आकर सुंदर बर्ड्स की गतिविधियों को करीब से देख सकेंगे। साथ ही प्रकृति के साथ यहां कुछ पल बिता सकेंगे।
वन एवं पर्यावरण निदेशक देवेंद्र दलाई ने इस संदर्भ में बताया कि सिटी फॉरेस्ट एरिया में बनने वाला बर्ड पार्क नॉर्थ ईस्ट में बनने वाला अपनी तरह का एक अलग पार्क होगा। यहां पर पक्षियों को रोकने के लिए नेट लगाया जाएगा, जो बेहद हल्का और अधिक ऊंचाई पर होगा। इससे बर्ड्स खुले आसमान में उड़ सकेंगे। इसके साथ ही बर्ड वॉचिंग के लिए अलग-अलग जगहों पर नेचुरल वॉचिंग रूम बनाए जाएंगे। बर्ड्स को यहां पर दाना-पानी मिल सके, इसके लिए अलग-अलग एरिया में इंतजाम किए गए हैं। चुनाव के बाद बर्ड पार्क के निर्माण कार्य में तेजी आने की बात प्रशासनिक स्तर पर कही जा रही है।
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आसानी से रह सकते हैं देश विदेश से बर्ड्स
फॉरेस्ट एरिया में बर्ड्स की कई प्रजातियां को जानने के लिए डिपार्टमेंट ने एक सर्वे भी कराया है। इसमें पाया गया है कि यहां देश विदेश के बर्ड्स आसानी से रह सकते हैं। सर्वे के दौरान यहां अलग-अलग प्रजातियों के बर्ड्स भी मिले हैं। इनमें कांब डक, स्पॉट बिलिंग डक, इंडियन ग्रेन हॉर्नबिल, इंडियन जंगल क्रो, ब्लैक काइट, ब्लैक ड्रोंगो, शिकारा सहित कई प्रजातियां शामिल रही हैं।
पेड़ों पर बनाए जाएंगे घोंसले
बर्ड्स को आर्कषित करने के लिए यहां एक अत्याधुनिक वाटर फॉल भी बनाया जाएगा। यह वाटर फॉल ऐसा होगा जिसमें बर्ड्स आसानी से आकर पानी पी सकेंगे। इसकेसाथ ही पार्क में हरे और सूखे पेड़ों पर घोंसले बनाए जाएंगे। जहां दाने का भी इंतजाम रहेगा। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक स्पेशल स्टाफ होगा। यही स्टाफ बर्ड पार्क में पक्षियों की देखरेख केे साथ निगरानी करेगा।
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