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सुरक्षित बेटी के नाम आत्मरक्षा की ट्रेनिंग

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‘सुरक्षित बेटी’ के नाम आत्मरक्षा का पाठ

नेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर 600 लड़कियों को दी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल की बेटियां सुरक्षित हाें। यह शपथ लेते हुए नेशनल गर्ल चाइल्ड डे के दूसरे दिन की शुरुआत हुई। वीरवार को ‘सुरक्षित बेटी’ के नाम चंडीगढ़ कमीशन फार प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) की ओर से लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस की वर्कशाप आयोजित की गई। इस ट्रेनिंग में करीब 600 बेटियों ने आत्मरक्षा के गुर सीखे। यह वर्कशॉप शिवालिक पब्लिक स्कूल सेक्टर-41 बी, भवन विद्यालय सेक्टर-27, रयान इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-49, शिशु निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-43ए और अजीत कर्म सिंह पब्लिक स्कूल सेक्टर-41 में करवाई गई।

सीसीपीसीआर की ब्रांड एंबेसडर प्रेरणा ने लड़कियों को आगे आने को कहा
कार्यक्रम के शुरुआत में सीसीपीसीआर की ब्रांड एंबेसडर और नेशनल अवार्ड प्राप्त प्रेरणा ने गर्ल चाइल्ड डे की बधाई देते हुए लड़कियों को हर क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा दी। इस मौके पर प्रोफेसर पैम राजपूत मुख्य मेहमान थीं। डिप्टी डायरेक्टर एजूकेशन डिपार्टमेंट सुमन शर्मा ने छात्राओं को आगे बढ़कर हर कार्य करने की प्रेरणा दी। स्टेट लिगल सर्विस अथॉरिटी के मैंबर सेक्रेटरी महावीर सिंह ने सभी सेल्फ ट्रेनर एवं विजेताओं को सम्मानित किया। सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने बताया कि सयम टीम की ओर से शहर की बीस हजार लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगस्त महीने तक ये सभी लड़कियां पूरी तरह से ट्रेनिंग प्राप्त कर लेंगी। इस मौके पर करतार सिंह, चंचल सिंह, अरविंद मौजूद थे।
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छात्राओं को समझाए सिक्स्थ सेंस के इशारे
अक्सर मुश्किल घड़ी में हमारा सिक्स्थ सेन्स इशारा करता है कि हम कहां सुरक्षित हैं और कहा नहीं। महिलाओं एवं लड़कियों का यह सिक्स्थ सेंस और भी सजग होता है। अगर अपनी सुरक्षा को लेकर आपके मन में कोई भी संशय हो तो उसे दबाने के बजाय उस पर गौर करें। इसके लिए यह भी जरूरी है कि आप स्ट्रेस और टेंशन से मुक्त रहें और तुरंत निर्णय लेने के लिए हमेशा तैयार रहें। इससे अपने मन की आवाज को समझने में आसानी होगी और आप किसी अप्रत्याशित घटना का शिकार होने से बचेंगी। इस दौरान छात्राओं को वार्मअप व स्ट्रेचिंग करवाने के बाद पंच किक के हलके अभ्यास के साथ युद्ध कला के साथ थ्रोइंग टेक्नीक, वन अटैक डाउन, ग्रिप ब्रेक, ग्रिप एंड लाक के गुर दिए गए।
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