पीयू ने यूथ वेलफेयर का खर्च घटाया
- बुक्स एंड जरनल्स पर 6.59 फीसदी बजट कम खर्च होगा
- स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि पर भी 2.86 प्रतिशत राशि कम की गई
- छात्र संगठनों में पनपा आक्रोश, सुधार के लिए दिया समय
सुशील कुमार
चंडीगढ़। पीयू का बजट भले ही इस बार 577 करोड़ का हो गया हो, लेकिन यूथ वेलफेयर पर खर्च होने वाली रकम घटना दी गई है। बुक्स व जरनल्स, स्कॉलरशिप, फेलोशिप इस कम रकम से प्रभावित होंगी। इसका छात्र संगठनों को पता लगा तो उनमें आक्रोश पनप गया। उन्होंने पीयू प्रशासन को बजट में सुधार केलिए समय दिया है अन्यथा वे आंदोलन करेंगे।
आंकड़ों पर गौर करें तो बुक्स एंड जरनल्स पर वर्ष 2017-18 में 419 लाख रुपये का बजट पास किया गया था। वर्ष 2018-19 में भी इसका बजट बढ़ाया गया। 1062 लाख रुपये आवंटित किए गए, लेकिन इस बार बजट में कटौती कर दी गई। 992 लाख ही रकम आवंटित की गई है, जो कि चालू सत्र के मुकाबले 6.59 प्रतिशत कम है। इसी तरह स्कॉलरशिप व फेलोशिप पर वर्ष 2017 में 292 लाख रुपये खर्च किए गए थे। यह रकम 2018 में बढ़कर 473.06 लाख पहुंच गई। अब आगामी बजट में 459 लाख रुपये जारी करने का प्रस्ताव रखा गया। इसका बजट चालू सत्र से 2.86 फीसदी कम है।
न्यू एकेडमिक प्रोग्राम शुरू करने के लिए वर्ष 2017 में सात लाख रुपये दिए गए थे। वर्ष 2018 में यह रकम बढ़कर 52 लाख पहुंच गई, लेकिन अगले वित्तीय वर्ष में इस रकम में 53.81 फीसदी की कटौती करते हुए 24 लाख रुपये ही देने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह रिफंड फीस के लिए वर्ष 2017 में 236 लाख रुपये की व्यवस्था की गई थी। उसकेबाद से लगातार कम होती गई। इस बार भी इसके लिए 27 लाख रुपये ही देने की बात कही गई है। कई अन्य कार्यों पर भी रकम कम कर दी गई है।
क्या कहते हैं छात्र नेता
नोट ::: सभी केफोटो--
यूथ वेलफेयर की रकम घटाने से साफ लग रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हित को ध्यान में नहीं रख रहा है। इसे लेकर हमने धरना दिया है। यह रकम नहीं बढ़ाई गई तो उग्र आंदोलन होगा।
-कुलदीप पंघाल, अध्यक्ष, एबीवीपी
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स्टूडेंट केहित हमारी प्राथमिकता में हैं। काउंसिल उनकी मांगों के लिए काम कर रही है। बजट में छात्र कल्याण का बजट कम करना गलता है। इसको लेकर अथॉरिटी से बात की जाएगी।
-कनुप्रिया, अध्यक्ष, पीयू स्टूडेंट काउंसिल
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सैलरी, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि पर जिस तरह बजट बढ़ाया गया है, उसी तरह पीयू प्रशासन को यूथ केकल्याण पर भी रकम बढ़ानी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस पर पीयू प्रशासन विचार करे।
- विजय कुमार, अध्यक्ष, आइसा
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संगठन यूथ कल्याण के लिए हमेशा खड़ा रहा है। इस बार भी बजट बढ़ाने के लिए पीयू प्रशासन से मुलाकात की जाएगी। बुक्स, जनरल्स पर पैसे कम नहीं किए जाने चाहिए थे।
- अनुज सिंह, अध्यक्ष, एनएसयूआई
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स्टूडेंट के लिए ही यूनिवर्सिटी है तो पहला हक उनका ही बनता है। उन पर ही अधिक रकम खर्च होनी चाहिए लेकिन इस बार के बजट से यूथ को निराशा हाथ लगी है। इस बजट में सुधार होना चाहिए।
- अमनदीप कौर, अध्यक्ष, पीएसयू ललकार