एस्टेट आफिस की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर फिर उतरे उद्योगपति
काली पट्टी बांधकर डीसी से मिले, घंटों बंद रही यूनिटें, अब नहीं भेजे जाएंगे नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
मिसयूज और बिल्डिंग वॉयलेशन को लेकर एस्टेट आफिस की ओर से जारी डोर टू डोर सर्वे के खिलाफ मंगलवार को शहर के उद्योगपतियों ने डीसी से मुलाकात की। हाथों पर काली पट्टी बांधकर उद्योगपतियों ने एस्टेट आफिस की इस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रधान नवीन मंगलानी के नेतृत्व में उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को एस्टेट आफिस के सर्वे को रोके जाने की मांग की।
दूसरी ओर मंगलवार सुबह एस्टेट आफिस की टीम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित यूनिटों में मिसयूज और वॉयलेशन की रिपोर्ट बनाने के लिए फिर सर्वे करने पहुंची। इससे नाराज उद्योगपति एक बार फिर सड़कों पर उतरे। उद्योगपतियों ने कई घंटे तक सेक्टर-31 व इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 की लाइट प्वाइंट पर प्रशासन की इस दोहरी नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर करीब 1.30 बजे तक इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 की सभी इंडस्ट्रियल यूनिट एस्टेट आफिस की इस कार्रवाई के विरोध में बंद रहीं।
एस्टेट आफिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो बिल्डिंग वॉयलेशन और मिसयूज का डोर-टू-डोर सर्वे इसलिए कराया जा रहा है, ताकि शहर की सभी इंडस्ट्रीज में हुए वॉयलेशन की रिपोर्ट बनाई जा सके। इस सर्वे के बाद शहर की तमाम इंडस्ट्रियल यूनिट में बिल्डिंग वॉयलेशन का वर्गीकृत किया जाएगा। शहर की तमाम इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से नीड बेस्ड चेंज को रेगुलराइज किए जाने की मांग की जा रही है। इसे लेकर एस्टेट आफिस की ओर से यह सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मंगलवार को ज्ञापन देने पहुंचे उद्योगपतियों को डीसी ने आश्वासन देते हुए कहा कि एस्टेट आफिस की ओर से मिसयूज और बिल्डिंग वॉयलेशन को लेकर नोटिस नहीं भेजे जाएंगे। डीसी ने चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल से एस्टेट आफिस के डोर टू डोर सर्वे में सहयोग देने को कहा ताकि सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा सके।
गौरतलब है कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 व 2 में 1884 प्लॉट्स हैं। इनमें से करीब 700 इंडस्ट्रियल प्लॉट एक कनाल के हैं जबकि 443 प्लॉट 10 मरला और 180 प्लॉट 15 मरला के और 381 प्लॉट 5 मरला के हैं। ज्यादातर इंडस्ट्रियल प्लॉट्स में उद्योगपतियों ने अपनी जरूरतों के अनुसार बदलाव कर दिए हैं, जोकि इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बायलाज के खिलाफ हैं।
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इस्टेट आफिस उद्योगपतियों को कर रहा परेशान : मंगलानी
चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रधान नवीन मंगलानी ने बताया कि एस्टेट आफिस उद्योगपतियों को मिसयूज और वॉयलेशन के नाम पर लाखों रुपये की पेनल्टी लगाकर परेशान कर रहा है। मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर लगाई जा रही पेनल्टी के संदर्भ में प्रशासनिक स्तर पर मामला विचाराधीन है। इसके बावजूद एस्टेट आफिस 500 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति माह जुर्माना वसूल रहा है जो गलत है। इस संदर्भ में सांसद किरण खेर से बात की गई है। उनसे मिसयूज और वॉयलेशन को लेकर उद्योगपतियों से वसूल की जा रही लाखों रुपये के पेनल्टी पर रोक लगाए जाने की मांग की है।