नहीं रहे प्रोफेसर यश, पीयू से जुड़ी थी यादें
- 1997 से 99 तक फिजिक्स विभाग में थे ऑनररी प्रोफेसर
- पीयू में लेक्चर भी दिया था, आते रहते थे कैंपस में
- पद्म विभूषण वैज्ञानिक प्रोफेसर यशपाल का 90 की उम्र में हुआ निधन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जाने-माने वैज्ञानिक और पद्म विभूषण से सम्मानित प्रोफेसर यशपाल नहीं रहे। पंजाब यूनिवर्सिटी से उनकी खास यादें जुड़ी हैं। 1997 से 99 तक प्रो. यशपाल पीयू के फिजिक्स विभाग में ऑनररी प्रोफेसर रहे। उन्होंने एक बार पीयू में लेक्चर भी दिया था और अक्सर यहां आते रहे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मंगलवार को फिजिक्स विभाग के विद्यार्थी जमा हुए और प्रार्थना की। पीयू के वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने भी शोक जताया और प्रो. यश के साथ बिताए कुछ पल भी साझा किए।
अप्रैल 2015 में प्रो. यशपाल आखिरी बार पंजाब यूनिवर्सिटी आए थे। तब उन्होंने प्रो. बीएम आनंद ऑडिटोरियम में लेक्चर दिया था। रुचिराम साहनी पर पोस्टल स्टैंप जारी करने के भी 2013 में प्रो. यशपाल खासतौर पर पहुंचे थे।
प्रो. यश ने ही कहा था, बस्ते का बोझ घटाओ
स्कूली बच्चों के बैग को हल्का करने की सिफारिश प्रोे. यशपाल ने ही की थी। उनको चिंता थी कि बच्चों के भारी-भरकम स्कूली बैग कंधों पर बोझ हैं। इस सोच पर अब काम होने भी लगा है।
अरसे से जानता था, दुख हुआ
पीयू के वीसी प्रोफेसर अरुण ग्रोवर ने अपने शोक संदेश में कहा, प्रो. यशपाल को काफी समय से जानते थे। जब वे स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के फाउंडर डायरेक्टर थे। फिर पीयू में आने के बाद भी उनसे मुलाकात का मौका मिला। वे सभी के लिए प्रेरणादायक हस्ती थे।
अच्छे स्वभाव के धनी थे
पीयू के पूर्व वीसी प्रो. केएन पाठक ने बताया कि प्रो. यशपाल से पीयू में ही मिलना हुआ था। वे अच्छे स्वभाव के धनी इंसान थे। अगर क्वालिटी एजूकेशन की बात करें, तो उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किया। पीयू में भी लेक्चर देकर उन्होंने काफी कुछ सीखाया। उनके जाने से दुख है।
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पीयू के दिल्ली सेंटर में पढ़े थे
आजादी के बाद जब पंजाब यूनिवर्सिटी पाकिस्तान से भारत में आई तो यूनिवर्सिटी के एजूकेशन सेंटर देशभर में अलग-अलग शहरों में शुरू हुए थे। 1949 के आसपास प्रो. यशपाल पंजाब यूनिवर्सिटी केफिजिक्स विभाग में पढ़े थे, तब यह विभाग दिल्ली में था।