चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित बस स्टैंड पर बीती एक मई से मरणव्रत पर बैठे पंजाब व चंडीगढ़ मुलाजिम संघर्ष कमेटी के प्रधान सज्जन सिंह को यूटी पुलिस शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े 11 बजे जबरन उठाकर ले गई। पुलिस के एक्शन से सरकारी मुलाजिम भड़क गए और विरोध में बस स्टैंड पर चक्का जाम कर दिया। कर्मचारियों ने बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पंजाब रोडवेज और सीटीयू की बसें खड़ी कर सड़क जाम कर दी। बस स्टैंड के अंदर खड़ी बसों को भी बाहर सड़क पर ला खड़ा किया। लगातार विरोध प्रदर्शन तेज होता रहा और मुलाजिम संघर्ष कमेटी के बुजुर्ग पदाधिकारियों ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई की निंदा कर पुलिस-प्रशासन से कमेटी के प्रधान को जबरन उठाने पर जवाब मांगा।
मुलाजिमों ने बस स्टैंड परिसर में पंजाब सरकार और चंडीगढ़ पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। उन्होंने यूटी पुलिस के एक्शन का विरोध करते हुए कहा कि गुंडागर्दी नहीं चलेगी। विरोध प्रदर्शन बढ़ता और यातायात व्यवस्था ठप होते देख साउथ डिवीजन के सभी थानों के एसएचओ समेत एसपी सिटी निहारिका भट्ट, एएसपी नेहा यादव और दर्जनों पुलिसकर्मी पहुंचे। इनके अलावा डीएसपी सीआईडी रामगोपाल भी पहुंचे, लेकिन स्थिति लगातार नियंत्रण से बाहर होती गई।
इसके बाद एसडीएम साउथ सौरभ मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और पंजाब व चंडीगढ़ मुलाजिम संघर्ष कमेटी के मुलाजिमों को समझाने-बुझाने में जुटे रहे। मुलाजिमों ने कहा कि पंजाब सरकार के उनकी मांगें नहीं मानने पर सज्जन सिंह मरणव्रत रखते हुए शांतिप्रिय ढंग से विरोध जता रहे थे। मुलाजिमों ने यूटी पुलिस पर कमेटी के प्रधान सज्जन सिंह को जबरन उठाकर अस्पताल ले जाने समेत वहां लगाए गए टेंट को गिराने और महिलाओं से हाथापाई करने के आरोप भी जड़े।
यूटी प्रशासन के अधिकारी पंजाब व चंडीगढ़ मुलाजिम संघर्ष कमेटी के पदाधिकारियों समेत अन्य से यात्रियों को हो रही परेशानी का हवाला देकर विरोध प्रदर्शन खत्म करने की अपील करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार अपील और लोगों की परेशानी देखकर कमेटी के मुलाजिमों ने करीब 3 बजे विरोध प्रदर्शन चंडीगढ़ में खत्म करते हुए सड़क से बसें हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल की। बस सेवा ठप रहने से यात्रियों की परेशानी करीब तीन घंटे तक बनी रही।
सज्जन सिंह की हालत बिगड़ने का हवाला
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को डॉक्टर ने मरणव्रत पर बैठे सज्जन सिंह के स्वास्थ्य की जांच करवाई थी। बकौल पुलिस, डॉक्टर ने जांच में उनका बीपी काफी लो होना बताया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर ने सज्जन सिंह की हालत गंभीर होने की बात कही और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाना आवश्यक बताया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सज्जन सिंह की जान बचाने के मकसद से उन्हें अस्पताल भर्ती करवाना आवश्यक था और इसी कारण उन्हें बस स्टैंड से अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने जानबूझकर जबरन उठाया : मुलाजिम
पंजाब व चंडीगढ़ मुलाजिम संघर्ष कमेटी के पदाधिकारियों और अन्य मुलाजिमों ने कहा कि सज्जन सिंह का स्वास्थ्य ठीक था और उन्होंने पुलिस से कहा भी कि वह ठीक हैं। मुलाजिमों ने यूटी पुलिस पर जानबूझकर सज्जन सिंह को बस स्टैंड से जबरन उठाने और उनसे धक्कामुक्की के आरोप लगाए।
सज्जन सिंह ने ट्रीटमेंट लेने से किया इंकार
यूटी पुलिस सज्जन सिंह को बस स्टैंड से उठाकर उपचार के लिए जीएमएसएच-16 ले गई, लेकिन उन्होंने अस्पताल में उपचार करवाने से इंकार कर दिया। सज्जन सिंह ने ग्लूकोज लगाने से भी मना कर दिया। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि सज्जन सिंह ने डॉक्टरों को उपचार नहीं करवाने की इच्छा लिखित में दी है। देर रात तक पुलिस और डॉक्टर उनका उपचार करने के प्रयास में जुटे रहे।
पंजाब में संघर्ष तेज करने को चेताया
पंजाब व चंडीगढ़ मुलाजिम संघर्ष कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें पंजाब सरकार से हैं। इस कारण अब चंडीगढ़ के बजाय पंजाब में संघर्ष तेज किया जाएगा। पदाधिकारियों ने आगामी दिनों में पंजाब में अलग-अलग जगहों पर रोष प्रदर्शन करने को चेताया। पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार ने उनकी मांगों को लागू करने के बजाय अभी तक लटका कर उनसे धोखा किया है।