फोटो वर्मा जी से लें
मलेरकोटला उत्सव में दिखा कला और साहित्य से जुड़ा इतिहास
- पंजाब कला भवन में आयोजित उत्सव में दिखाया गया मलेरकोटला का बदलता स्वरूप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब कला भवन सेक्टर- 16 में रविवार को मलेरकोटला उत्सव को मनाया गया। पंजाब कला परिषद की ओर से करवाए गए इस कार्यक्रम में मुशायरा, कव्वाली ने जहां उपस्थित हर किसी का दिल जीत लिया, वहीं मलेरकोटला के नवाबों की विरासत भी देखने को मिली। इनमें पुराने काल के सिक्के, नवाबों के जमाने के स्टांप पेपर और फौजियाें की वर्दी में लगने वाले बटन लोगाें के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। वहीं कुरान का हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी में अनुवाद वाली किताब ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस अवसर पर पंजाब कला भवन में एक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इनमें फोटो के जरिए मलेरकोटला किस तरह बदलता रहा, देखने को मिला। प्रोग्राम की शुरूआत मलेरकोटला के इतिहास को बताने से हुई। इस दौरान एक डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई गई, जिसमें वहां के वंशज, लोगाें के रहन सहन को दिखाया गया। इसके बाद कुछ यादाें को मुहम्मद रबीब ने लोगों संग साझा किया। डॉ. आबिद अली ने मलेरकोटला के इतिहास के बारे में बताया और वहीं जावेद अख्तर ने गजल पेश किए।
फोटो प्रदर्शनी में दिखाया बदलता मलेरकोटला
मलेरकोटला उत्सव के तहत एक फोटो प्रदर्शनी को भी लगाया गया। इसमें लुधियाना के फोटोग्राफर रविंदर की 52 फोटो को लगाया गया था। इसमें मलेरकोटला को पुराने समय से नए जमाने तक चित्रों के जरिए बदलता दिखाया गया। इनमें पुरानी इमारतें, घराें की हालत, हवेली व एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी के चित्र भी शामिल रहे।