यूटी में बनेगा उत्तर भारत का पहला ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड
- चंडीगढ़ में रह रहे सभी ट्रांसजेंडर को जारी होंगे आई कार्ड
- पीयू की पहली और इकलौती ट्रांसजेंडर स्टूडेंट ने उठाई थी आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उत्तर भारत का पहला ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड चंडीगढ़ में बनेगा। इसकी लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब सिर्फ इंतजार है तो अंतिम मंजूरी का, जो यूटी प्रशासन से मिलनी है। इस बोर्ड को गठित करने का प्रस्ताव सोशल वेलफेयर विभाग की तरफ से उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। इस बोर्ड को गठित करने की मांग पंजाब यूनिवर्सिटी की पहली और इकलौती ट्रांसजेंडर स्टूडेंट धनंजय मंगल मुखी ने की थी।
पीयू से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही धनंजय मंगल मुखी ने पिछले साल प्रशासक के सलाहकार को एक पत्र लिखकर यूटी में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड बनाने की मांग की थी। पत्र में कहा गया था कि इस बोर्ड की सख्त जरूरत है। क्योंकि इस समुदाय को तीसरा दर्जा मिला है और इनकी भी जरुरतें हैं, जिन्हें पूरा किया जाना आवश्यक है। धनंजय मंगल मुखी ने बताया पिछले साल जनवरी में वेलफेयर बोर्ड गठित करने के लिए पत्र लिखा था। अब सोशल वेलफेयर विभाग ने अंतिम मंजूरी के लिए फाइल प्रशासन केउच्च अधिकारियों को भेज दी है।
सभी ट्रांसजेंडर को मिलेगा आई कार्ड
अक्सर जबरन बधाई मांगने, एरिया को लेकर झगड़े की शिकायतें आती रहती हैं। पिछले दिनों भी इस तरह का मामला सामने आया था, जब ट्रांसजेंडर के एक गुट ने आरोप लगाया कि कुछ गलत लोग उनके नाम पर जबरदस्ती बधाई मांगते हैं। ऐसी दिक्कतों से भी बोर्ड बनने के बाद निजात मिलेगी। क्योंकि बोर्ड सभी ट्रांसजेंडर को एक आई-कार्ड जारी करेगा।
पढ़ाई सहित अन्य जरूरतों में मदद करेगा बोर्ड
वेलफेयर बोर्ड ट्रांसजेंडर की पढ़ाई में मदद करने के साथ अन्य सुविधाएं मुहैया कराने में मदद करेगा। फिर चाहे राशन कार्ड बनवाना हो या आधार कार्ड। बोर्ड का गठन होने के बाद ट्रांसजेंडर अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए अलग-अलग दफ्तरों में नहीं भटकेंगे। ट्रांसजेंडर के लिए तमिलनाडू, गोवा, महाराष्ट्र में वेलफेयर बोर्ड बने हुए हैं। चंडीगढ़ में बनने वाला बोर्ड नॉर्थ इंडिया का पहला होगा।