रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी को दिए जाएं उचित अधिकार: हाईकोर्ट
पंजाब सरकार को दिया निर्देश, कहा, प्राइवेट बिल्डरों के शोषण से लोगों को बचाएं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आशियाना खरीदने वालों का बिल्डर शोषण न करें, इसे सुनिश्चित करने के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी पंजाब को उचित अधिकार दिए जाएं। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस दिशा में उचित कार्रवाई करे।
मामले में बिक्रमजीत सिंह व अन्य की ओर से याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि प्राइवेट बिल्डर पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हरिपाल वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि हाउसिंग व अरबन डेवलपमेंट विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी द्वारा हाल ही में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी गठित की गई है। ऐसे में हमारा मत है कि इस अथॉरिटी को उचित अधिकार दिए जाएं ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
हाईकोर्ट ने हाउसिंग व अरबन डेवलपमेंट विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को आदेश दिए कि वे इस मामले में याचिकाकर्ता के आरोपों को देखते हुए पूरे रिकार्ड का तलब करें। इसके बाद दोनों पक्षों को सुनकर चार माह के भीतर वे उचित आदेश जारी करें। याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने याची को छूट दी कि यदि वह चाहे तो अपना मांगपत्र भी इस दौरान प्रिंसिपल सेक्रेटरी को सौंप सकते हैं। याची ने कहा कि जब उन्हें प्लाट बेचा गया था तो उस समय स्वीमिंग पूल, हेल्थ क्लब, इनडोर व आउटडोर स्पोर्ट्स व अन्य मूल सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वायदा किया गया था। अब इन स्थानों को अवैध तरीके से बेच दिया गया है। यह सब लाइसेंस की टर्म व कंडीशन के खिलाफ है। याची ने बताया कि इससे पूर्व वे गमाडा के मुख्य प्रशासक को अपनी शिकायत सौंप चुके हैं।