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Panchkula News: पंचकूला में पांच हजार स्ट्रीट वेंडर, 1500 को ही मिली जगह

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सड़कों पर रेहड़ी-फड़ी से जाम और पार्किंग की समस्या, अब डिजिटल डाटा से होगी वेंडरों की पहचान
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर में स्ट्रीट वेंडिंग को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम अब डिजिटल डाटा तैयार करेगा। पंचकूला में करीब पांच हजार स्ट्रीट वेंडर हैं, लेकिन अभी तक महज 1500 को ही वेंडिंग साइट उपलब्ध हो पाई है। जगह नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में वेंडर सेक्टरों की सड़कों, फुटपाथ, डिवाइडिंग रोड और सार्वजनिक स्थानों पर कारोबार कर रहे हैं। इससे अतिक्रमण के साथ जाम और पार्किंग की समस्या बढ़ रही है। निगम हारट्रोन के साथ मिलकर ऑनलाइन पोर्टल तैयार करेगा, जिसके जरिए वेंडरों का पंजीकरण और सत्यापन किया जाएगा।
सेक्टर-11, 20, 7 और 9 में रेहड़ी-फड़ी के कारण पार्किंग की समस्या गंभीर है। सड़क किनारे रेहड़ियां लगने से वाहनों के लिए जगह कम पड़ जाती है और लोग सड़क पर वाहन खड़े करने को मजबूर होते हैं। सेक्टर-10 और 15 की डिवाइडिंग रोड से लेकर हाउसिंग बोर्ड तक भी कई जगह सड़क किनारे रेहड़ी-फड़ी लगी रहती हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण वाहनों के आमने-सामने टकराने का खतरा बना रहता है।
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पांच साल में बदली तस्वीर
नगर निगम के अनुसार पिछले पांच वर्षों में वेंडिंग साइट और वेंडरों की स्थिति में काफी बदलाव आया है। कई अधिकृत वेंडिंग साइट खाली हैं, जबकि बड़ी संख्या में वेंडर अनधिकृत स्थानों पर कारोबार कर रहे हैं। ऑनलाइन पंजीकरण से पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों तरह के वेंडरों का डाटा जुटाया जाएगा। इससे वास्तविक संख्या सामने आने पर वेंडिंग जोन विकसित करने और मौजूदा साइट की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई जा सकेगी।

पहले चरण में रेहड़ी और साइकिल वाले
पहले चरण में रेहड़ी और साइकिल पर सामान बेचने वाले वेंडरों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। पंजीकरण और सत्यापन के बाद पात्र वेंडरों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद अन्य श्रेणी के वेंडरों को भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटल व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

फर्जीवाड़े पर भी लगेगा अंकुश
डिजिटल डाटा से फर्जी पंजीकरण, एक व्यक्ति के नाम पर कई रजिस्ट्रेशन और वेंडिंग साइट को किराये पर देने जैसी अनियमितताओं पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। वास्तविक आंकड़ों के आधार पर यह तय करना आसान होगा कि किस क्षेत्र में कितने वेंडिंग जोन और उनकी कितनी क्षमता की जरूरत है।
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ऑनलाइन पंजीकरण से सामने आएगी वास्तविक संख्या
नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि वेंडरों से ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए कहा जाएगा। इससे वास्तविक वेंडरों की पहचान हो सकेगी और वेंडिंग व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल डाटा से अनधिकृत वेंडिंग पर कार्रवाई और पात्र वेंडरों को निर्धारित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना को भी आधार मिलेगा।
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