आधी रात को चार साल की
बच्ची को परिजनों से मिलाया
- पुलिस ने एक दर्जन टीमों ने रात को अभियान चला कर खोजे परिजन
- शाम को साढ़े सात बजे पुलिस को लावारिस घूमती मिली थी बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो
मनीमाजरा। चार साल की एक दिव्यांग बच्ची पिपलीवाला टाउन स्थित फौजी ढाबा के नजदीक अपने घर से निकलकर समाधि गेट पहुंच गई। बच्ची ठीक से बोल और सुन नहीं सकती है।
समाधि गेट पर लावारिस घूमती बच्ची शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे पुलिस को मिल गई। बच्ची को पुलिस थाने ले आई, लेकिन बच्ची कुछ बोलने और समझ पाने से असमर्थ थी। थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने सभी बीट कर्मचारियों को उसके परिजनों को खोजने के लिए लगा दिया। कुछ स्पेशल टीमें बना कर हर मोहल्ले में सर्च शुरू कर दी। रात 12.30 बजे पुलिस ने उसके परिजनों का पता चला।
पिपलीवाला टाउन में फौजी ढाबा के पास रहने वाले बच्ची के पिता पूरण जुगामाता पुलिस को मिल गए। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को उसके परिजनों से मिलाकर राहत की सांस ली। ऐसा अभियान चलाकर बच्ची को परिजनों से मिलवाने के लिए समाजसेवी रामेश्वर गिरि और ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसएस परवाना ने मनीमाजरा पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसा काम करने वाले पुलिस कर्मचारियों को पुलिस प्रशासन को सम्मानित करना चाहिए।