एनडीडीवाई में एडमिशन के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई
सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन से फार्म व प्रोस्पेक्टस प्राप्त किए जा सकते हैं
एमबीबीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस डिग्री कोर्स किए व्यक्तियों को सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन मेें प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (एनडीडीवाई) का तीन वर्ष के डिप्लोमा में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई है। फार्म व प्रोस्पेक्टस सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन से प्राप्त किया जा सकता है।
गांधी स्मारक भवन के डॉ. देवराज त्यागी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में एलोपेथी के बढ़ते इफेक्ट और बढ़ती कीमतों के कारण लोगों का रुझान अब प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग की ओर बढ़ रहा है। प्राकृतिक चिकित्सक बनने के इच्छुक युवाओं के लिये प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में कैरियर की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्हाेंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में नियमित जीवन शैली के साथ संतुलित आहार, योग और प्राणायाम का उपयोग करते हुऐ शरीर को रोग रहित बनाया जाता है।
तीन वर्ष का पाठ्यक्रम
डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग (एनडीडीवाई) का पाठ्यक्रम तीन वर्ष का हैं, जिसमें 6 माह का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है। डिप्लोमा कोर्स की कक्षाएं प्रत्येक रविवार को गांधी स्मारक भवन में लगाई जाती है। यह कोर्स गांधी नेशनल एकेडमी ऑफ नेचुरोपैथी राजघाट, नई दिल्ली से संचालित होता है। डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग में प्रवेश के लिए विज्ञान विषयों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। एमबीबीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस डिग्री कोर्स किए व्यक्तियों को सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश मिलेगा। इस डिप्लोमा का वार्षिक शुल्क छह हजार रुपये है।
लड़कियों ने बाजी मारी
गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 के डायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी ने बताया कि इस डिप्लोमा में छात्र-छात्राओं की दिसंबर 2017 परीक्षा में 100 प्रतिशत रिजल्ट रहा। इस वर्ष इस परीक्षा में छात्राओं ने बाजी मारी है। तृतीय वर्ष में प्रथम स्थान पर दो छात्राएं रहीं। उन्होंने बताया कि सीमा सेठी (236/400) एवं मोनिका (236/400), द्वितीय स्थान पर मनजीत कौर (235/400), तृतीय स्थान पर पूनम (234/400) अंक प्राप्त किए।