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वीडियो से होगी उपद्रवियों की पहचान

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वीडियो से होगी उपद्रवियों की पहचान
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
दंगाइयों की पहचान के लिए पुलिस ने व्हाट्सएप और ई-मेल के जरिये वीडियो और सीसीटीवी भेजने की आम लोगों से अपील की है। पुलिस की ओर से जारी ई-मेल एड्रेस और व्हाट्सएप नंबर पर हिंसा से जुड़ी कोई भी तस्वीर या वीडियो भेजी जा सकती है। डीसीपी मनवीर सिंह ने पंचकूलावासियों से अपील की है कि हिंसा से संबंधित किसी तरह की तस्वीर या वीडियो डीसीपीपंचकूलाएटदरेटजीमेल.कॉम या व्हाट्सएप नंबर 8146631013 पर भेज सकते हैं। अमर उजाला की टीम ने भी डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हुई भीषण हिंसा मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कुछ वीडियो की तस्वीरें प्रकाशित की जा रही हैं, जिनमें उपद्रवी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। अलग-अलग स्थानों पर हुई हिंसा को कैमरों में कैद किया जो दंगे की वीभत्स तस्वीरों की दर्दनाक दास्तां बयां करती है।
सेक्टर-तीन, सेक्टर-4 और सेक्टर-16 की तस्वीरों में दिख रहे उपद्रवियों ने पूरे शहर वासियों को खौफजदा कर दिया। खास बात यह है कि महज 1.30 से दो घंटे के बीच उपद्रवियों ने शहर में जितनी तबाही की, उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद हैफेड के पास और सेक्टर-तीन में एक साथ उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान बैंक, होटल, अग्रवाल भवन और दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की दर्जनों घटनाएं हुईं। दंगाइयों ने अग्रसेन चौक की चारदीवारी को भी नहीं बख्शा, जबकि सेक्टर-दो में पेड़ों की टहनियों को तोड़कर इसे डंडे के तौर पर इस्तेमाल किया। केमिकल्स और पेट्रोल के साथ आग का सामान लेकर पूरे शहर में आतंक मचाने वाले उपद्रवियों के कारण शहर में ऐसा माहौल बन गया कि लोग घरों से निकलने से हिचक रहे थे।
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मृतकों की तादाद पहुंची 34
अब तक पंचकूला में हुई हिंसा में 34 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि अभी भी अस्पतालों में घायलों का इलाज चल रहा है। उपद्रवियों ने पंचकूला के सेक्टरों और मुख्य सड़कों पर हिंसा का जो तांडव मचाया, उसने पंचकूला की शांति और अमन चैन पर करारा झटका दिया है।
यहां भेज सकते हैं हिंसा से संबंधित तस्वीर या वीडियो

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