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जांच प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि पीड़ित को जल्द न्याय मिल सके-उपायुक्त

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पंचकूला। चिह्नित अपराधों को लेकर उपायुक्त महावीर कौशिक की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में पुराने 40 आपराधिक मामलों पर चर्चा की गई और एक नए मामले को चिह्नित अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया। बैठक में पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक में जिन 40 पुराने मामलों पर चर्चा की गई, उनमें से 14 महिलाओं के विरुद्ध अपराध, 14 जघन्य अपराध, एक पासपोर्ट अधिनियम और 11 मामले हरियाणा पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट से संबंधित थे। उपायुक्त ने विभिन्न धाराओं के तहत इन सभी मामलों की गहनता से समीक्षा की। उपायुक्त महावीर कौशिक ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया में तेजी लाकर मामलों का जल्द से जल्द निपटान किया जाए ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन संगीन आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके हैं, ऐसे मामलों में न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आपराधिक प्रवृति के लोगों में कड़ा संदेश जाए। वे इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहें।
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पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह ने उपायुक्त को अब तक विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामलों में की गई कार्रवाई की प्रगति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने उपायुक्त को आश्वासन दिया कि मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी और न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा। जिला न्यायवादी पंकज गर्ग ने चिह्नित अपराध के मामलों में हुई प्रगति का ब्योरा भी उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसीपी राजकुमार, एसीपी विजय नेहरा और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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