चंडीगढ़। हरियाणा ओपन स्कूल के माध्यम से 12वीं करने वाले सभी छात्रों को केवल 33 प्रतिशत अंक देकर पास करने को छात्रों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
याचिका दाखिल करते हुए छात्रों की ओर से बताया गया कि हरियाणा सरकार ने कोरोना की लहर के चलते 12वीं की परीक्षा आयोजित न करने का निर्णय लिया था। इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि दसवीं में प्राप्त अंकों के आधार पर 12वीं के अंक दिए जाएंगे। इसी अनुरूप सरकार ने 12वीं का परिणाम जारी किया। याची ने बताया कि 5 अगस्त को हरियाणा ओपन स्कूल का 12वीं का परिणाम जारी किया गया। इसे देखकर याचिकाकर्ता हैरान रह गए क्योंकि, उन्हें दसवीं में प्राप्त अंकों के स्थान पर केवल 33 प्रतिशत अंक दिए गए। जानकारी जुटाने पर पता चला कि ओपन से 12वीं का आवेदन करने वाले सभी 27559 छात्रों को पास अंक दिए गए हैं। याची ने कहा कि उन्होंने दसवीं में बेहतर अंक प्राप्त किए थे और इस प्रकार केवल पास अंक देना याचिकाकर्ताओं के साथ अन्याय है। जब नियमित छात्रों को उनके दसवीं के अंकों के आधार पर बारहवीं में अंक दिए हैं जो ओपन बोर्ड के छात्र भी इसी के हकदार हैं। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।