फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टू-व्हीलर पार्किंग की हालत खस्ता, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
(फोटो वर्मा जी)
विज्ञापन

एसडी कॉलेज-32 में टू-व्हीलर पार्किंग की हालत बेहद खस्ता, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र

छात्रों का आरोप- 11.71 लाख एमपी फंड से मिलने के बावजूद नहीं शुरू किया जा रहा काम


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। टू व्हीलर पार्किंग की खस्ता हालत को लेकर शनिवार को सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज के कई विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए। स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई) के सेक्रेटरी अनमोल भारद्वाज के साथ भूख हड़ताल पर डटे छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि एक तरफ तो करोड़ों खर्च कर कॉलेज में एमबीए के लिए बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कॉलेज प्रशासन के पास बीए डिपार्टमेंट के नजदीक टू व्हीलर पार्किंग को रिपेयर करने के लिए फंड नहीं है।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि पार्किंग की हालत बेहद खराब है बावजूद इसके कॉलेज प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यहां कई विद्यार्थी स्लिप होकर गिर चुके हैं। बारिश के दिनों यहां कीचड़ हो जाता है। शिकायत देने के बावजूद कॉलेज प्रशासन बीए डिपार्टमेंट की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने बताया कि पार्किंग को रिपेयर करने के लिए सांसद किरण खेर ने भी एमपी फंड से 11 लाख 71 हजार रुपए दिए हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन पार्किंग को रिपेयर करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में इसका खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है। हड़ताल में सोई के प्रेसीडेंट प्रीतमपाल सिंह, वाइस प्रेसीडेंट अपूर्वा तिवारी, ज्वाइंट सेक्रेटरी मोहम्मद हमजा हैदर भी शामिल हुए।
विज्ञापन


बीए डिपार्टमेंट को नजरअंदाज करने का आरोप
हड़ताल पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन बीए डिपार्टमेंट को नजरअंदाज कर रहा है। उनका कहना है कि एक तरफ कॉलेज को चमकाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ छात्र मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। वाइस प्रेसीडेंट अपूर्वा तिवारी ने आरोप लगाया कि कालेज प्रशासन एमबीए के लिए जो नई बिल्डिंग का निर्माण कर रहा है वहां स्टूडेंट्स के लिए अच्छी पार्किंग व हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। जबकि बीए डिपार्टमेंट की हालत खस्ता हो चुकी है और वह पार्किंग जैसी सुविधा के लिए भी तरस रहे हैं। यहां क्लासरूम की खिड़कियां टूटी हुई हैं, जिन्हें किसी तरह से टिकाया गया है।
विज्ञापन


---कोट्स---

अचानक बैठे धरने में, रातोंरात नहीं हो सकता काम

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तरफ से पहले कोई ऐसी मांग नहीं की गई थी। वे अचानक धरने पर बैठ गए। कोई भी काम रातोंरात नहीं होता। आने वाले दिनों में कालेज में कई फेस्ट होने वाले हैं, ऐसे में रिपेयर का काम शुरू कराया जाएगा तो बच्चे टू-व्हीलर कहां पार्क करेंगे। -डॉ. विरेंदर सिंह, डीएसडब्ल्यू, एसडी कॉलेज-32
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें