गुरु घर में माथा टेकने उमड़ी संगत, सेवा की और छका लंगर
श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर कीर्तन सुन निहाल हुई संगत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर शुक्रवार को शहर के गुरुद्वारों में संगत का सैलाब उमड़ पड़ा। परिवार के साथ गुरुद्वारे में माथा टेकने भारी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान संगत ने गुरु घर में सेवा की और लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही कीर्तन सुनकर संगत निहाल हो गई। शुक्रवार सुबह से ही संगत गुरुद्वारों में पहुंचनी शुरू हो गई थी। उधर, इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियां भी पूरी तरह से तैनात रहीं। चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन के महासचिव रघबीर सिंह रामपुर ने बताया कि लाखों लोगों ने गुरुद्वारों में माथा टेका और गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया। उधर, गुरुद्वारा सिंह सभा गांव दड़वा के प्रधान शिंगारा सिंह ने बताया कि रागी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में अटूट लंगर का इंतजाम किया है। सेक्टर-38बी के गुरुद्वारा साहिब के प्रधान तारा सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। उधर, सेक्टर-19 के गुरुद्वारा साहिब के प्रधान तेजिंदर पाल सिंह ने बताया कि रागी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। उन्होंने बताया कि 10 हजार से भी अधिक संगत ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, सेक्टर-34, 8, 11, 30, 20, 29, 21, 15, 19, 47, 44, 46, 22, 23, 37, खुड्डा अलीशेर, रामदरबार, हल्लोमाजरा, दड़वा, बहलाना, रायपुरखुर्द, रायपुरकलां, मक्खन माजरा सहित अन्य भागों में स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर रागी जत्थे ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
गुरु नानक जी के दिखाए रास्ते पर चलें: बंसल
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने शनिवार को श्री गुरु नानक देव जी की प्रकाशोत्सव पर शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में माथा टेका। वे सेक्टर-19 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा गए। वहां उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ लंगर भी छका। इसके बाद वह सेक्टर-28 में गुरुद्वारा नानकसर भी गए। उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक सद्भाव, एकता और मानवता की भलाई के लिए गुरु नानक देव जी के संदेश प्रासंगिक और अनंत हैं और हमें उनके द्वारा निर्धारित मार्ग का पालन करने का संकल्प लेना चाहिए।