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पंजाब एजुकेशन बोर्ड में एजेंसी से कर्मी लगाने पर हाईकोर्ट की रोक

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पंजाब एजुकेशन बोर्ड में एजेंसी से कर्मी लगाने पर हाईकोर्ट की रोक
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-अनुबंध आधार पर काम करने वालों के स्थान पर एजेंसी की सेवा का लिया था निर्णय
-हाईकोर्ट ने इस निर्णय पर रोक लगाते हुए पंजाब सरकार को जारी किया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड में वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत स्किल्ड और सेमी स्किल्ड वर्करों की जगह निजी एजेंसी के वर्करों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। इसकेसाथ ही याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए 7 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
जस्टिस सुदीप आहलुवालिया की वैकेशन बेंच ने यह रोक इस मामले को लेकर बोर्ड के कई कॉन्ट्रेक्ट पर कार्यरत स्किल्ड और सेमी स्किल्ड वर्करों द्वारा एडवोकेट एके वालिया के जरिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई है। दायर याचिका में इन कॉन्ट्रेक्ट पर कार्यरत कर्मियों ने हाईकोर्ट को बताया है कि वे पिछले कई वर्षों से बोर्ड में कार्यरत हैं और सभी का सेवाकाल 3 वर्ष से अधिक है। पंजाब सरकार ने गत वर्ष 24 दिसंबर को विधानसभा में द पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रेक्चुअल, डेली वेज, टेम्परेरी, वर्क चार्ज्ड एंड ऑउटसोर्स वेलफेयर एक्ट-2016 बना लागू किया गया है। इस एक्ट के तहत पंजाब सरकार के तहत ग्रुप-ए, बी, सी और डी सहित कॉन्ट्रेक्ट, एडहॉक और अस्थायी तौर पर तीन वर्षों से अधिक समय से कार्य कर रहे सभी कर्मियों को रेगुलर किए जाने का प्रावधान बनाया गया है।
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याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि वह सभी कॉन्ट्रेक्ट पर पिछले तीन वर्षों से भी अधिक समय से कार्यरत हैं। उन्हें डर है कि अब बोर्ड उन्हें निकाल कर निजी एजेंसी के जरिए उनकी जगह पर अन्य कर्मियों की कॉन्ट्रेक्ट पर नियुक्तियां करने जा रहा है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार यह पूरी तरह से एक्ट का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने याचिका पर बोर्ड सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। साथ ही बोर्ड को निर्देश भी दे दिए गए हैं कि वह फिलहाल इन कर्मियों के स्थान पर अन्य कर्मियों की नियुक्तियां नहीं करेगा।
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