बीफ बिरयानी मामला : दोषियों पर आईजी रेवाड़ी लेंगे एक्शन
- फिरोजपुर झिरका पुलिस ने सीएम विंडो पर मुहैया कराई थी गलत जानकारी
- बीफ बिरयानी के सैंपल लेने से ही कर दिया था मना, जबकि लुवास की आ चुकी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के मेवात जिले के बीफ बिरयानी मामले में फिरोजपुर झिरका पुलिस के साथ ही वेटरिनरी सर्जन पर गाज गिर सकती है। सीएम विंडो पर पुलिस की ओर से गलत जानकारी मुहैया कराने से मामला गरमा गया है।
शिकायतकर्ता एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मास्टर ट्रेनर नरेश कादियान के डीजीपी बीएस संधू को इसकी जानकारी देने पर जल्द कार्रवाई होने की संभावना बढ़ गई है। चूंकि, डीजीपी ने आईजी रेवाड़ी को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आईजी रेवाड़ी अब शिकायतकर्ता के साथ ही लुवास की रिपोर्ट पर अब तक कार्रवाई न होने की जानकारी लेकर आगामी एक्शन लेंगे।
स्थानीय पुलिस की मुश्किलें फिरोजपुर झिरका के भाजपा मंडलाध्यक्ष व सीएम विंडो के प्रभारी डॉ. यतेंद्र गर्ग के बयान दर्ज न करने के कारण भी बढ़ गई हैं। डॉ. गर्ग ने अपने बयान रिकार्ड कर शुक्रवार को फिरोजपुर झिरका पुलिस को सौंपे, जिसे लेने से स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मना कर दिया। यही नहीं, पुलिस ने फिरोजपुर झिरका से बीते वर्ष ईद के आसपास बीफ के सैंपल लेने से ही किनारा कर दिया। पुलिस ने डीजीपी और सीएम विंडो को भेजी रिपोर्ट के अनुसार सैंपल लिए ही नहीं। जबकि हिसार की लाला लाजपत राय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें बिरयानी में गोवंश होने की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में सीएम विंडो की शिकायतों पर कार्रवाई की समीक्षा से पहले आईजी रेवाड़ी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।
शिकायत आईजी को भेजी : संधू
डीजीपी बीएस संधू ने बताया कि सीएम विंडो पर दी गई गलत जानकारी के खिलाफ आई शिकायत के मामले में आईजी रेवाड़ी को एक्शन लेने को कहा गया है।
कार्रवाई से कतरा रही पुलिस : गर्ग
फिरोजपुर झिरका के भाजपा मंडलाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र गर्ग ने कहा कि बीफ बिरयानी मामले में पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है। वेटरिनरी डॉक्टर ने भी हिसार यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट को दबाए रखा। मामला सरकार के संज्ञान में है।