डीसी ने 13 प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के लाइसेंस किए रद्द
ये एजेंसियां बिना किसी पते और रिकॉर्ड के चल रही थीं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला उपायुक्त अजित बालाजी जोशी ने शुक्रवार को 13 प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के लाइसेंस रद्द कर दिए। यह सभी सिक्योरिटी एजेंसी शहर में बिना किसी पते और रिकॉर्ड के चल रही थीं। इन सबने डीसी आफिस में न रजिस्ट्रेशन कराया था न ही इनके पास कोई रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस था। प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी रेगुलेशन एक्ट 2005 के तहत नियमों की अवहेलना पर 13 प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के लाइसेंस रद्द किए गए।
अधिकारियों के अनुसार इन 13 सिक्योरिटी एजेंसी के अलावा तीन सिक्योरिटी एजेंसी ने सरेंडर किया है। इन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीसी आफिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक शहर में करीब 120 प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी चल रही हैं।
अधिकारियों की मानें तो प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी रेगुलेशन एक्ट 2005 के तहत प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को स्थायी पता रखना जरूरी है। एजेंसी के तहत काम करने वाले सिक्योरिटी गार्ड का रिकार्ड व पुलिस वेरिफिकेशन भी बेहद जरूरी है। डीसी आफिस की ओर से गठित की गई स्पेशल टीम ने हाल ही में शहर के सभी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की चेकिंग की थी। चेकिंग के समय कई प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के पास सिक्योरिटी गार्ड्स के रिकार्ड नहीं मिले। डिफाल्टर सिक्योरिटी एजेंसी को नोटिस जारी किए गए थे जो चेकिंग के दौरान पर्याप्त रिकार्ड पेश करने में नाकाम रहे।
दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन माडल तैयार किया गया था ताकि शहर की सभी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी का रिकार्ड रखा जा सके और समय समय पर इनकी मॉनिटरिंग की जा सके। डीसी को कंट्रोलिंग अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। प्राइवेट सिक्योरिटी रेगुलेशन एक्ट के तहत अब प्रशासन ने सभी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को लाइसेंस लेना अनिवार्य है, इसके अलावा लाइसेंस रिन्यूअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन जरूरी है।