पंचकूला-चंडीगढ़ से छह किमी कम नजदीक हो जाएगा एयरपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
ट्राइसिटी से इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अंडरपास प्रोजेक्ट को सेना ने हरी झंडी दे दी है। अब चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली से इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी कम हो जाएगी। यह फैसला वीरवार को यूटी प्रशासन और वार्षिक नागरिक सैन्य सम्मेलन के दौरान लिया गया।
अभी पंचकूला से जीरकपुर के रास्ते इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी करीब 15 किलोमीटर और ट्रिब्यून चौक से इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी 17 किलोमीटर है। अधिकारियों की मानें तो अंडरपास तैयार हो जाने के बाद ट्राइसिटी से इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच करीब 6 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। ओल्ड एयरपोर्ट से मोहाली स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच अंडरपास बनाने की प्लानिंग की जा रही है। बैठक में मौजूद यूटी के अधिकारियों की मानें तो एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया और दिल्ली मेट्रो की ज्वाइंट टीम ओल्ड एयरपोर्ट के रूट से इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक अंडरपास बनाने के लिए फिसिब्लिटी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद रिपोर्ट नागरिक और उड्डयन मंत्रालय को भेजी जाएगी।
पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में वीरवार को वार्षिक नागरिक सैन्य सम्मेलन में अंडरपास के अलावा कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए गए। इनमें इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगती सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाए जाने और गर्ल्स हॉस्टल के लिए जमीन आवंटित किए जाने के मुद्दे पर चर्चा की गई। हॉस्टल के निर्माण के लिए सेना ने यूटी प्रशासन से सस्ती दर पर जमीन आवंटित किए जाने की मांग की थी। इस पर यूटी प्रशासन ने सेना से प्रपोजल तैयार कर सौंपने के लिए कहा है। ताकि गृह मंत्रालय को प्रपोजल भेजकर सस्ती दर पर जमीन आवंटित किए जाने की मंजूरी ली जा सके। इसके अलाव चंडीगढ़ नगर निगम और सेना प्रबंधन के बीच ज्वाइंट टीम बनाकर शहर में आर्मी रेजिडेंशियल में पार्कों और सड़कों की मेंटेनेंस के लिए फैसला लिया गया।
अंडरपास प्रोजेक्ट को सेना की हरी झंडी
एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया और दिल्ली मेट्रो की ज्वाइंट टीम तैयार करेगी रिपोर्ट