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हरियाणा में लगेंगे 30 लाख स्मार्ट मीटर, नहीं हो सकेगी छेड़छाड़, मोबाइल से कर सकेंगे रिचार्ज

Sun, 05 Jul 2020 10:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में 2024 तक 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। यह जानकारी बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि पहले चरण में लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी है। दूसरे चरण में 20 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 1600 करोड़ रुपये की इस राशि में से केंद्र द्वारा 780 करोड़ की सहायता दी जाएगी जबकि 820 करोड़ राज्य सरकार खर्च करेगी। 

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शुक्रवार को केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में रणजीत सिंह ने यह मुद्दा उठाया। इस बैठक में तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा शेष राज्यों के बिजली मंत्री उपस्थित थे। इस दौरान केंद्रीय बिजली मंत्री ने लाइन लॉस को 30.2 प्रतिशत से घटाकर 17.4 प्रतिशत तक लाने के लिए हरियाणा की सराहना की।

बैठक के दौरान रणजीत सिंह ने केंद्रीय बिजली मंत्री के सामने हरियाणा के किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते जहां हर क्षेत्र में मंदी छाई रही, वहीं इस अवधि में भी किसानों ने कृषि उत्पादन को करीब पांच प्रतिशत तक बढ़ाया है। ऐसे में किसानों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। 

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उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में जून में बिजली निगमों द्वारा 4868 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए गए और 1500 किसानों को मोनो-ब्लॉक कनेक्शन भी दिए गए। रणजीत सिंह ने बताया कि देश में बनने वाली कारों का 50 प्रतिशत उत्पादन अकेले हरियाणा में होता है। इसी तरह, 33 प्रतिशत दोपहिया वाहन, 82 प्रतिशत जेसीबी मशीनों और 52 प्रतिशत क्रेनों का निर्माण भी हरियाणा में होता है। 

उन्होंने बताया कि कुश्ती, बॉक्सिंग और शूटिंग में देश को मिलने वाले कुल पदकों का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरियाणा का रहा है। रणजीत सिंह ने बताया कि जिस तरह से हरियाणा कई क्षेत्रों में अग्रणी है, उसी तरह बिजली के क्षेत्र में भी नई शुरुआत के लिए प्रदेश को केंद्र से मदद मिलनी चाहिए।

ऐसे काम करेंगे स्मार्ट मीटर 
स्मार्ट मीटर पूरी तरह से हाईटेक और कंप्यूटरीकृत होंगे। उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन के जरिये भी अपने मीटर की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। ये मीटर प्री-पेड होंगे और बिजली उपभोक्ता मोबाइल फोन की तरह इन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि हर मीटर का कंट्रोल बिजली निगमों के पास रहेगा। मीटरों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा ये मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की मीटर खराब होने या अधिक स्पीड से चलने जैसी शिकायतें भी न के बराबर होंगी।
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