उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में जून में बिजली निगमों द्वारा 4868 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए गए और 1500 किसानों को मोनो-ब्लॉक कनेक्शन भी दिए गए। रणजीत सिंह ने बताया कि देश में बनने वाली कारों का 50 प्रतिशत उत्पादन अकेले हरियाणा में होता है। इसी तरह, 33 प्रतिशत दोपहिया वाहन, 82 प्रतिशत जेसीबी मशीनों और 52 प्रतिशत क्रेनों का निर्माण भी हरियाणा में होता है।
उन्होंने बताया कि कुश्ती, बॉक्सिंग और शूटिंग में देश को मिलने वाले कुल पदकों का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरियाणा का रहा है। रणजीत सिंह ने बताया कि जिस तरह से हरियाणा कई क्षेत्रों में अग्रणी है, उसी तरह बिजली के क्षेत्र में भी नई शुरुआत के लिए प्रदेश को केंद्र से मदद मिलनी चाहिए।
ऐसे काम करेंगे स्मार्ट मीटर
स्मार्ट मीटर पूरी तरह से हाईटेक और कंप्यूटरीकृत होंगे। उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन के जरिये भी अपने मीटर की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। ये मीटर प्री-पेड होंगे और बिजली उपभोक्ता मोबाइल फोन की तरह इन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि हर मीटर का कंट्रोल बिजली निगमों के पास रहेगा। मीटरों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा ये मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की मीटर खराब होने या अधिक स्पीड से चलने जैसी शिकायतें भी न के बराबर होंगी।