चंडीगढ़। लोकसभा में 203 और राज्यसभा में 64 सांसद हैं, जिन्होंने कृषि को अपने पेशे के रूप में दर्ज कराया है। पंजाब से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने यह खुलासा करते हुए सभी सांसदों से अपील की कि वे पक्षपातपूर्ण राजनीति से बाहर निकलकर कांग्रेसी सांसदों द्वारा तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लाए जा रहे प्राइवेट बिल का समर्थन करें।
कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि पंजाब से सभी पार्टी सांसदों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए सदन में प्राइवेट बिल लाने का फैसला किया है। श्री आनंदपुर साहिब से सांसद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में कृषि कानूनों पर चर्चा की, लेकिन किसी भी किसान को उनकी बातों पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून रद्द कराने के लिए अब हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है, इसलिए हमने प्राइवेट बिल लाने का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। पंजाब के कांग्रेस सांसद जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मिलेंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि वे लोकसभा सचिवालय को सौंपे गए विधेयक पर चर्चा की अनुमति दें। तिवारी ने कहा कि वे इस मुद्दे पर राज्यसभा के सभापति से भी मुलाकात करेंगे।
कांग्रेस की पटियाला से सांसद परनीत कौर, जो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं, ने भी कहा कि वे इन तीनों कानूनों को रद्द करने की अपनी मांग के साथ खड़ी हैं। खडूर साहिब से कांग्रेस के सांसद जसबीर सिंह गिल ने कहा कि जिन सांसदों ने कृषि को अपने पेशे के रूप में दर्ज कराया है, उन्हें प्राइवेट बिल का समर्थन करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किसानों से अपील की थी कि वे इस मुद्दे को हल करने के लिए आंदोलन का रास्ता छोड़कर केंद्र के साथ फिर से बातचीत शुरू करें।