पंचकूला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के फंड में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जिला परिषद के सीईओ के नकली हस्ताक्षर का उपयोग करते हुए कार्यालय का ही एक कर्मचारी ने करीब 25 लाख रुपये दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए।
मामला उजागर होने के बाद जिला परिषद के अकाउंट ऑफिसर संजय कुमार ने पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद सेक्टर-7 थाना पुलिस ने कर्मचारी दिनेश और फर्म रुबानी एंटरप्राइजेज के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिला परिषद कार्यालय में आरटीजीएस दस्तावेजों में सीईओ के जाली हस्ताक्षर पाए गए। 20.14 लाख रुपये पहले एक निजी फर्म रुबानी एंटरप्राइजेज के खाते में भेजे गए। 5 लाख रुपये बाद में कार्यालय के ही कर्मचारी के निजी खाते में ट्रांसफर किए गए।
शिकायत में कहा गया है कि दोनों भुगतान सीईओ की मंजूरी के बिना किए गए और दस्तावेजों में किए गए हस्ताक्षर पूरी तरह से फर्जी पाए गए। फर्म का संबंध भी आरोपी कर्मचारी या उसके जानकारों से होने की आशंका जताई जा रही है।
सरकारी फंड पर बड़ा सवाल
स्वच्छ भारत मिशन योजना ग्रामीण स्वच्छता के लिए चलाई जाती है और इसमें करोड़ों रुपये का बजट निर्धारित होता है। इस तरह की हेराफेरी न केवल योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है बल्कि सरकारी धन का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल होने की गंभीर चेतावनी भी देती है।
पुलिस ने कहा कि सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका खंगाली जा रही है और जल्द ही फर्जीवाड़े की पूरी परतें सामने आएंगी।