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बंद शोरूम में भूख प्यास से तड़प रहीं चिड़ियां चिल् लाई तो आजाद हुइँं

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(फोटो सहित)
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बंद शोरूम में-भूख प्यास से तड़प रही थी चिड़ियां, चिल्लाई तो आजाद हुईं
लोगों ने फोन कर जानकारी दी, पुलिस की मदद से एसपीसीए ने रेस्क्यू किया
शोरूम मालिक को पुलिस ने फ्रॉड वीजा केस में कस्टडी में ले रखा है
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर-8सी स्थित एसीओ नंबर 126-127 के अंदर चिड़ियां, खरगोश और चूहे दो दिन से बंद थे। शोरूम को लॉ चेंबर नाम की एक कंपनी को किराए पर दिया गया था। कंपनी के अधिकारी का कुछ भी अता-पता नहीं था। अंधेरे और भूख के चलते शोरूम में बंद चिड़ियां तड़प की वजह से चिल्ला रही थीं। आसपास के बैंक में काम करने वाले कर्मचारियों को आवाजें सुनाई पड़ रही थीं। उन्हें लगा कि कुछ गड़बड़ है। उन्होंने इसकी सूचना सोसाइटी फार दी प्रीवेंशन आफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) को दी। सूचना मिलते एसपीसीए के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र डोगरा मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने पाया कि अंदर से आवाजें आ रही हैं और एक नहीं कई सारे पक्षी बंद हैं। इंस्पेक्टर डोगरा ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही सेक्टर तीन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। उन्होंने अपनी जांच में पाया कि शोरूम डीएस सोही का है और विनय माहेश्वरी नाम के व्यक्ति को किराए पर दे रखा है। बाद में पता चला कि दिल्ली पुलिस ने विनय को फ्राड वीजा के एक केस में अपनी कस्टडी में ले रखा है। पुलिस के सामने समस्या थी कि आखिर उसका ताला कैसे तोड़ा जाए। पुलिस ने कहा कि यदि एसडीएम सेंट्रल इस बारे में आदेश जारी कर दें तो ताला तोड़ा जा सकता है।
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उसके बाद एसडीएम सेंट्रल से इस बारे में बात की गई और उन्होंने ताला तोड़ने के आदेश जारी कर दिए। जब ताला तोड़ा गया तो उसमें मछलीघर, खरगोश, सफेद चूहे और चिड़ियां थीं। जो भूख और प्यास के मारे चिल्ला रही थीं। एसपीसीए ने तुरंत सभी को अपने कब्जे में लिया और उन्हें सेक्टर 38 स्थित अपने कार्यालय ले आई और उन्हें फीड दी।
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मछलीघर काफी बड़ा था। उसे उठा पाना मुश्किल था। इसलिए उन्हें वहीं पर फीड दे दी गई है। भूख की वजह से मछलियां भी तड़प रही थीं। एसपीसीए ने पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा है।
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