सिलेंडर पर जीएसटी करेगा राज्य सरकारों को मालामाल
- घरेलू और कामर्शियल सिलेंडर पर जीएसटी का आधा हिस्सा राज्य सरकारों को मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पहली बार रसोई गैस सिलेंडर जीएसटी के दायरे में आए हैं, जबकि कॉमर्शियल सिलेंडर पर भी जीएसटी के बाद टैक्स बढ़ गया है। इससे भले ही गैस उपभोक्ताओं को करारा झटका झेलना पड़ेगा, लेकिन राज्य सरकारें इससे मालामाल होंगी। क्योंकि एलपीजी पर लगने वाले जीएसटी का आधा हिस्सा राज्य सरकारों के खाते में जाएगा।
इस संबंध में सभी तेल कंपनियों के पास दिशा-निर्देश पहुंच चुके हैं। हरियाणा में आईओसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक जुलाई से घरेलू एलपीजी और कॉमर्शियल एलपीजी पर जीएसटी लागू हो गए हैं। इसके मुताबिक, हर राज्य और विभिन्न शहरों में इनके अलग-अलग रेट भी तय हो गए हैं।
अधिकारी के अनुसार, घरेलू सिलेंडर पहले टैक्स फ्री था, लेकिन अब उसे पांच फीसदी जीएसटी के दायरे में शामिल किया गया है। जबकि कामर्शियल एलपीजी को 13.25 प्रतिशत टैक्स व सेस से बढ़ाकर 18 फीसदी जीएसटी के दायरे में लिया गया है। खास बात यह रहेगी कि घरेलू एलपीजी पर लगने वाले पांच फीसदी जीएसटी में से 2.5 प्रतिशत राज्य सरकार और 2.5 प्रतिशत केंद्र सरकार को जाएगा। इसी तरह कॉमर्शियल सिलेंडर पर 18 फीसदी जीएसटी का 9 फीसदी राज्य और 9 प्रतिशत केंद्र सरकार को जाएगा। इससे राज्य सरकारों को बड़ा फायदा होगा।