चंडीगढ़। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आजाद भारत में विकसित पहले आधुनिक शहर नंगल का पुराना रूप जल्द ही बहाल किया जाएगा। नंगल शहर को नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड द्वारा विकसित किया गया था। पिछली सरकारों की गलतियों के कारण यह शहर अपने विकसित शहर वाली पहचान खो चुका है।उन्होंने कहा कि इस शहर के पुराने रूप को फिर से बहाल करने के लिए पंजाब सरकार विशेष ध्यान दे रही है और नंगल शहर के विकास पर 20.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सबसे पहले नंगल शहर के लिए साफ पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 10 करोड़ की लागत से एक परियोजना तैयार की गई है, जिसके तहत नंगल शहर को नहर के पानी की आपूर्ति की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में नंगल शहर को 2 एमडी नहर का पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 5 एमडी किया जा रहा है। यह अगले दो दशकों के दौरान नंगल शहर में उत्पन्न होने वाली पेयजल की मांग को पूरा करेगा। इसके अलावा नंगल शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को भी ढाई गुना बढ़ाया जा रहा है। शहर को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से 30 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा विश्व स्तरीय संग्रहालय स्थापित करने की भी योजना है।
उन्होंने बताया कि 5 करोड़ रुपये नंगल के सरकारी कन्या स्कूल पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 4.50 करोड़ रुपये से सरकारी स्कूल लड़के में एक शानदार स्विमिंग पूल बनाया जाएगा। इसके अलावा जलफा माता मंदिर का 1 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उनका सपना है कि नंगल शहर को पर्यटन मानचित्र पर फिर से उभारा जाए, जिसके लिए सबसे पहले शहर की समस्याओं को दूर करने की आवश्यकता है और वे इसी दिशा में काम कर रहे हैं।