चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकले पानी के खेती के लिए इस्तेमाल को लेकर अब पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा है कि क्या इसका उपयोग हानिकारक तो नहीं है। साथ ही रामा मंडी, तपा और धनौला के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। सीवरेज के पानी की समस्या का निपटारा करने के लिए एसटीपी स्थापित करने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी। हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार ने हलफनामा दाखिल कर इन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर रिपोर्ट सौंपी थी।
हाईकोर्ट ने पाया कि यह रिपोर्ट दो साल पहले की है और ऐसे में वर्तमान स्थिति जानना बेहद जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने उनकी वर्तमान स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सीवरेज के ट्रीट किए गए पानी को कृषि के लिए इस्तेमाल करने की संभावना के दौरान हानिकारक प्रभावों की आशंका जताई है।
ऐसे में हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिया है कि वह बताए कि लसारा ड्रेन में एसटीपी का छोड़ा जा रहा पानी कृषि के लिए हानिकारक तो नहीं है।