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जिन टीचर्स को राजनीति में ज्यादा रूची, वो पढ़ाना छोड़ एमपी का चुनाव लड़ लें

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‘जिन टीचर्स को राजनीति में रुचि, वे पढ़ाना छोड़ एमपी का चुनाव लड़ लें’
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बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीचर्स को चेतावनी
पीसा 2021 टेस्ट की तैयारियों को लेकर हुई मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रोग्राम फॉर इंटनेशनल स्टूडेंट्स असेसमेंट (पीसा) 2021 की तैयारियों से संबंधित वीरवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने बुलाई थी। इसमें शहर के सभी सरकारी स्कूलों के हेड्स व प्रिंसिपल मौजूद थे। बैठक में पीसा की तैयारियों के साथ स्कूलों के खराब रिजल्ट व स्कूलों में हो रहीं राजनीतिक को लेकर भी चर्चा की गई। पीसा एग्जाम की पूरी जानकारी देने के बाद सभी स्कूलों के हेड्स व प्रिंसिपल्स को कड़े शब्दों में परीक्षाओं में अच्छे परिणाम लाने के लिए चेताया गया।
सूत्रों के अनुसार बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पॉलिटिकल एक्टिविटीज में शामिल रहने वाले शिक्षकों के विषय में बात करते हुए यहां तक कह दिया कि यदि किसी टीचर को पॉलिटिक्स में ज्यादा इंट्रस्ट हैं, तो वह पढ़ाना छोड़ एमपी का चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा ने कहा कि सभी हेड्स व प्रिंसिपल्स को अपने स्कूल की समस्या को अपने लेवल पर ही हल कर लेेना चाहिए। बाहर शिकायत नहीं निकलनी चाहिए। शिक्षकों को क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करना होगा। यह स्टूडेंट्स के साथ टीचर्स के लिए भी काफी बेहतर होगा। इस साल खराब रिजल्ट न आए इसके लिए प्रिंसिपल्स को कहा गया कि वह सभी अपने स्कूलों में सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा फेल न हो। बता दें कि पिछली बार दसवीं का परिणाम खराब रहने के चलते इस बार शिक्षा विभाग इन परीक्षाओं को लेकर काफी कड़ा रुख अपना रहा है।
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पीसा को लेकर दी गई यह जानकारी
एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा ने सभी हेड्स व प्रिंसिपल्स को 2021 में होने वाले इस पीसा एग्जाम के लिए छात्रों को अभी से तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में 15 साल 3 महीने से लेकर 16 साल 2 महीने की आयु वाले छात्र ही भाग ले सकते हैं। बेशक इस परीक्षा को अभी समय है, लेकिन यह परीक्षा कोई आम परीक्षा नहीं इंटरनेशनल लेवल पर आयोजित की जाने वाली परीक्षा है। जिसमें दुनियाभर के देशों के छात्र भाग लेंगे। पहले भारत ने साल 2009 में इस परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें कुल 74 देशों ने हिस्सा लिया था। जिसमें भारत ने 72वां स्थान हासिल किया था। ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब चंडीगढ़ को पीसा एग्जाम के लिए सेंटर के तौर पर चुना गया है।

टीचर्स को बताया गया, कैसे कराएं तैयारी
इस दौरान बताया गया कि सभी स्कूलों में इस परीक्षा के लिए तैयार किए जाने वाले छात्रों को साइंस, मैथ्स, इनोवेशन और रिजनिंग संबंधी तैयारी करवाई जाए। इस परीक्षा में इसी प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों को ऑब्जेक्टिव सवालों को अटेंप्ट करना सिखाने के लिए भी कहा गया। इस दौरान बताया गया कि एनसीईआरटी द्वारा पीसा एग्जाम की तैयारी के लिए कुछ मैटीरियल तैयार किया गया है जिसकी मदद से वे छात्रों को पढ़ा सकते हैं।

क्या है ‘पीसा’
पीसा टेस्ट से विश्व भर के विभिन्न देशों की शिक्षा प्रणालियों के बारे में जानकारी मिलती है। इस टेस्ट में छात्रों द्वारा स्कोर किए गए अंकों से राष्ट्रीय औसत स्कोर निकाला जाता है। इस टेस्ट का उद्देश्य देशों की रैंकिंग निश्चित करना नहीं है, बल्कि यह पता लगाना है कि किस प्रकार देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जा सकता है। इस टेस्ट में देश के विभिन्न हिस्सों से बच्चों को भाग लेने के लिए भेजा जाता है। यह टेस्ट ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकॉनोमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) द्वारा हर तीन साल बाद कराया जाता है। जिसमें लगभग 80 देश भाग लेते हैं।
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वर्जन
इस टेस्ट में अच्छा करने के लिए हमें क्वालिटी व ओरिएंटेशन इंप्रूवमेंट की जरूरत है। जिसको लेकर बैठक आयोजित की गई। हमने कैसे तैयारी करनी है, यह सभी स्कूलों के हेड्स व प्रिंसिपल्स को बताया गया। स्कूलों के रिजल्ट को लेकर भी चर्चा की गई।
- बीएल शर्मा, शिक्षा सचिव
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