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आप ने हरमोहन धवन को लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया

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आप ने हरमोहन धवन को लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया
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नवंबर में पार्टी में शामिल हुए थे, धवन बोले-डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी चुनाव की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बरनाला में आम आदमी पार्टी की रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन को चंडीगढ़ से पार्टी का लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया गया है। बीते साल नवंबर में उन्होंने आप ज्वाइन की थी। लोकसभा चुनाव में धवन के आने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं। हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। मार्च के पहले हफ्ते में लोकसभा चुनाव कराए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। जनवरी को खत्म होने के दस दिन बचे हैं। तैयारी के लिए सिर्फ फरवरी बचा है। बरवाला रैली में आप सांसद भगवंत मान ने धवन की टिकट की घोषणा की। रैली में धवन भी मौजूद थे। वहां से वापस लौटते वक्त पार्टी की ओर से ट्ब्यिून चौक पर धवन का स्वागत किया गया।

डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थी चुनाव की तैयारी
टिकट की घोषणा होते ही हरमोहन धवन ने कहा कि उन्होंने चुनाव की तैयारी डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थी। अब तक पार्टी के 596 बूथ तैयार कर दिए गए हैं। ग्राउंड स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा बंसल और किरण खेर ने शहर के लिए कुछ नहीं किया। दोनों जनता को ठग रहे हैं। यदि जनता ने मुझे मौका दिया तो चंडीगढ़ की खूबसूरती को दोबारा से लौटाएंगे। इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं।
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आप-कांग्रेस के गठबंधन होने से फंस रही थी टिकट
सूत्रों ने बताया कि चार दिन पहले तक आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चल रही थी। लेकिन शीला दीक्षित के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बनते ही उन्होंने गठबंधन से इंकार कर दिया था। उसके बाद आप ने भी अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। बताया जा रहा है कि यदि आप और कांग्रेस का गठबंधन होता तो यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती और यहां से मनीष तिवारी को टिकट मिलने की बात कही जा रही थी। ऐसे में धवन का पत्ता कट सकता था, लेकिन जब साफ हो गया कि गठबंधन नहीं होना है तो धवन के टिकट की घोषणा कर दी गई।
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कई पार्टियों में रह चुके हैं धवन
साल 1989 में जनता दल से हरमोहन धवन चुनाव जीते थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री बने। उसके बाद वे चुनाव नहीं जीते। इस दौरान वे समाजवादी जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, इंडियन नेशनल लोक दल, कांग्रेस और बीजेपी में रहे। बीजेपी को छोड़कर वे कांग्रेस में शामिल हुए।

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