पीजीआई में फर्जी दस्तावेज
पर नौकरी, दो साल सजा
खरड़ निवासी ने अटेंडेंट पद के लिए 1988 में जमा कराए थे कागजात
2011 में दोषी के खिलाफ हुआ था मामला दर्ज, अदालत ने सजा सुनाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई में फर्जी दस्तावेज पर नौकरी कर रहे एक कर्मचारी को जिला अदालत ने दो साल कैद की सजा सुनाई है। खरड़ निवासी भाग सिंह के खिलाफ सात साल धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। दोषी ने पीजीआई में 1988 में अटेंडेंट की नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेज जमा कराए थे।
एफआईआर के मुताबिक भाग सिंह ने 1988 में अटेंडेंट पद के लिए आवेदन किया था। आवेदन में उसने अपना स्कूल लीविंग सर्टिफिकेेट पेश किया, जिसके मुताबिक उसने 1959 में आठवीं कक्षा पास कर स्कूल छोड़ दिया था। 2011 में पीजीआई नेहरू अस्पताल के अधीक्षक सुखजीत सिंह ने भाग सिंह के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने फर्जी दस्तावेज जमा करवाए थे, जबकि उसने 1954 में ही स्कूल छोड़ दिया था। शिकायत में यह भी कहा गया था कि अटेंडेंट के पद के लिए कैंडिडेट का आठवीं पास होना जरूरी था, जबकि शिकायतकर्ता ने दस्तावेज जमाकर बताया कि सातवीं करने के बाद ही स्कूल छोड़ दिया था। इसके बाद भाग सिंह को कक्षा आठ का प्रमाण पत्र पेश करने को कहा गया, जिसे वह पेश नहीं कर सका। पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा-420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया था।