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एचसीएस पेपरलीक : कुलदीप का जीएमसीएच-32 से मेडिकल कराने के आदेश
- जिला अदालत ने आरोपी की पत्नी की मेडिकल कराने संबंधी याचिका की मंजूर
- अदालत ने जेल सुपरिंटेंडेंट को दिए वीरवार को मेडिकल कराने के आदेश
- एसआईटी की ओर से रिमांड के दौरान पिटाई का लगाया था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एचसीएस ज्यूडिशियल पेपरलीक मामले में पिछले सप्ताह दिल्ली से गिरफ्तार सुनीता के भाई कुलदीप सिंह का मेडिकल कराने संबंधी याचिका को जिला अदालत ने मंजूर कर लिया है। एडीजे राजीव गोयल की अदालत ने बुड़ैल जेल सुपरिंटेंडेंट को कुलदीप का वीरवार को जीएमसीएच-32 से मेडिकल कराने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले याचिका पर दायर जवाब में एसआईटी की ओर से डिस्ट्रिक अटार्नी राजिंदर सिंह की ओर से दलील दी गई थी कि उन्होंने पुलिस रिमांड के दौरान नियमों के तहत समय-समय पर मेडिकल करवाया है। इसके अलावा कोर्ट ने जब-जब आदेश दिए हैं, तब भी सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल से मेडिकल करवाया गया है। रिमांड के दौरान 4 से 5 बार मेडिकल हुआ है। इनमें से किसी में भी उसकी पिटाई होने या शरीर पर किसी तरह की चोट का जिक्र नहीं है। बचाव पक्ष की ओर से पुलिस पर पिटाई के आरोप बेबुनियाद हैं।
बता दें कि इससे पहले कुलदीप की पत्नी स्वीटी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह कुलदीप का पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद वह उससे मिलने बुड़ैल जेल गई थी। वहां कुलदीप ने उसे बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान उससे एसआईटी में शामिल जांच अफसरों और अन्य पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह से पीटा है। खासकर जांच टीम से जुड़े अफसरों ने। साथ ही पिटाई के बाद उससे जबरन खाली पेपर पर साइन करवाए गए। वहीं, उससे जबरन कबूलनामा भी लिखवाया गया।
स्वीटी को अंदेशा है कि पुलिस पूरी जांच और उसे ही मामले में मुख्य आरोपी बना सकती है। इसीलिए उसे बुरी तरह से पीटा गया है। उसके बाएं कंधे, थाई, घुटने, पैरों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई है। याचिका पर एसआईटी की ओर से बुधवार को जवाब दाखिल किया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बुड़ैल जेल सुपरिंटेंडेंट को कुलदीप का जीएमसीएच-32 से मेडिकल करवाने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि एसआईटी ने 23 जून को सुनीता के भाई कुलदीप को दिल्ली नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था। एचसीएस ज्यूडिशियल पेपरलीक मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी थी। पुलिस जांच के अनुसार कुलदीप ही मुख्य आरोपी सुनीता के साथ पूरे रैकेट का संचालन करता था। कुलदीप पर ही कैंडीडेट्स लाने और उनसे मोटी रकम जमा कर उसे मैनेज करने की जिम्मेदारी थी। आरोपी बीते नौ महीने से फरार चल रहा था, जबकि उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी टीम लंबे समय से प्रयासरत थी। आरोपी को सूचना के आधार पर पुलिस ने नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था।