स्पीकर के तेवर से एकजुट हुआ विपक्ष
धुर-विरोधी अकाली-भाजपा और आम आदमी पार्टी आए एक साथ
खास बातें -
सुखबीर की रणनीति थी आप विधायकों को दोबारा लाना
धरने पर बैठे फूलका को समझाने पहुंचे सुखबीर-मजीठिया
सुखबीर की गाड़ी में ही अस्पताल गए आप नेता
खैरा और बैंस से दूरियां कायम, अलग गाड़ी में गए
अखिल तलवार
चंडीगढ़।
पंजाब विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह के कड़े तेवर ने विपक्ष को एकजुट कर दिया। एक-दूसरे के धुर-विरोधी माने जाते शिअद-भाजपा और आम आदमी पार्टी एक साथ नजर आई। यह सत्र तो शुक्रवार को खत्म हो रहा है, लेकिन एकजुटता बरकरार रही तो कांग्रेस को अगले सत्र में मुश्किल हो सकती है।
स्पीकर ने आप विधायकों को सस्पेंड कर मार्शल को उन्हें बाहर ले जाने को कहा। यहीं से सदन के सियासी समीकरण बदल गए। अब तक अकाली दल कोई विरोध प्रदर्शन करता था तो आप विधायक साथ नहीं देते थे। वहीं, आप वाले विरोध करते थे तो अकाली उनका समर्थन नहीं करते थे, लेकिन वीरवार को पहली बार आप विधायकों को बाहर करने पर अकाली-भाजपा ने विरोध में वाकआउट किया। उसके बाद स्थगन के दौरान आप विधायकों को दोबारा सदन में लाना भी सुखबीर की रणनीति का हिस्सा था। आप नेता मनजीत सिंह बिलासपुर की सदन में गिरी पगड़ी को बिक्रम मजीठिया ने संभाला। सुखबीर बादल और मजीठिया ने सदन में पगड़ी उछलने और महिलाओं की चुन्नी उतरने का तीखा विरोध जताया। आखिर इसी मुद्दे पर शिअद-भाजपा को भी एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया। उसके बाद सुखबीर और मजीठिया विधानसभा परिसर में शहीदे-आजम भगत सिंह तसवीर के आगे धरने पर बैठे आप विधायकों के पास पहुंचे। सुखबीर ने ही नेता प्रतिपक्ष एचएस फूलका को समझाया कि अब यहां बैठने से कोई फायदा नहीं है। बिलासपुर की पगड़ी देने और हालचाल लेने अस्पताल चलते हैं। फूलका राजी हो गए। सभी बाहर आए तो आप नेता वहां धरने पर बैठे सुखपाल खैरा और सिमरजीत बैंस के पास चले गए। लेकिन सुखबीर और मजीठिया अपनी कार में बैठ गए। क्योंकि खैरा और बैंस ही हैं, जो पिछले कई साल से खुल कर सुखबीर और मजीठिया की मुखालफत करते रहे हैं। इसलिए आप के साथ एकजुटता के बावजूद इन दोनों से दूरियां बरकरार रहीं। फूलका, कंवर संधू और अमन अरोड़ा, सुखबीर की गाड़ी में गए। जबकि, खैरा और बैंस अलग गाड़ी में अस्पताल गए। आप और शिअद-भाजपा की एकजुटता अगले सत्र में कांग्रेस के लिए मुश्किल बन सकती है।