टैगोर थियेटर में कथक नृत्य ने बांधा समां
‘मान गए उस्ताद’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई दुर्गा स्तुति से
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दुर्गा स्तुति के साथ मंच पर नृत्य की शुरुआत हुई और इसके बाद कथक नृत्य की खूबसूरत प्रस्तुति से कार्यक्रम का आगाज हुआ। यह कार्यक्रम बुधवार को टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में ‘मान गए उस्ताद’ में पेश किया गया। इसे चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को गुरु-शिष्य परंपरा के तहत चंडीगढ़ की मशहूर नृत्यांगना डॉ. समीरा कौसर एवं उनकी शिष्यों ने सुंदर प्रस्तुतियां पेश करके दर्शकों को अभिभूत कर दिया।
कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया। पहले भाग में गुरु समीरा कौसर की शिष्यों ने सबसे पहले दुर्गा स्तुति ‘जय जय जग जननी’ पेश कर शुरुआत की। इसके बाद राग मल्हार में निबद्ध रचना प्रस्तुत की। मंच पर समीरा की शिष्यों ने जयपुर घराने के तकनीकी पक्ष को जोरदार तरीके से प्रस्तुत कर सभी की खूब तालियां बटोरी।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में गुरु समीरा कौसर ने अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। मंच पर उन्हाेंने सबसे पहले ‘गणेश वंदना’ की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने कई मशहूर गीतों पर प्रस्तुति दी। अंत में भाव पक्ष पर आधारित नृत्य नाटिका ‘काया स्वरूप’ का प्रस्तुतिकरण बेहद भावपूर्ण रहा। इसमें उन्होंने मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने बचपन, जवानी एवं बुढ़ापे के विभिन्न पड़ावों के वर्णन के साथ कर्म के महत्व को भी नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। नृत्य नाटिका में काया को अधिक महत्व न देते हुए कर्म करने के महत्व को दर्शाया गया। इस प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसमें उनके साथ शुभा कौसर, सरगम, अनुष्का प्रांजल, सोनिका और गुरसिमरन ने हिस्सा लिया।