शहर में निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटी
सुप्रीम कोर्ट ने दी यूटी को राहत, तीन लाख रुपये लगाया था जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शहर में निर्माण कार्यों पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे सिटी में अब विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत जनहित के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने बीते 31 जुलाई को एक आदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी न लागू करने वाले राज्यों में निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इनमें चंडीगढ़ भी शामिल था। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के तहत नीति को लागू किया जाना जरूरी है। इस पर यूटी प्रशासन ने मंगलवार को याचिका दाखिल कर कहा कि प्रशासन की ओर से पहले ही कचरा प्रबंधन की नीति बना ली गई थी, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से सुनवाई के दौरान फाइल सबमिट नहीं हो पाई थी। सिटी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को लेकर प्रशासन ने कठोर पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के लागू होने से शहर से कचरा पूरी तरह से दूर हो जाएगा। निर्माण कार्य रुकने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए शहर में निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाई जाए।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए संशोधित नीति तैयार कर ली गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राहत देते हुए निर्माण कार्यों पर लगाई गई रोक हटा दी। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर कोई पॉलिसी नहीं होने के चलते चंडीगढ़ प्रशासन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।