चंडीगढ़। हरियाणा के 1890 तालाबों को दशा सुधार कर तय समय सीमा में जनता को सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष के नाते वीरवार को समीक्षा बैठक ली।
तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए किए जा रहे कार्यों का फीडबैक लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंदे नालों के दूषित पानी को उपचारित कर मत्स्य पालन व सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाए। बरसाती तालाबों की सफाई का विशेष ध्यान रखें। 30 जून तक उनको खाली कर सफाई का कार्य पूर्ण कर लें। सुधार के बाद तालाबों की देखरेख के लिए स्थानीय स्तर पर युवकों की एक टीम गठित की जाए। केवल तालाब बनाने तक ही सीमित न रहकर उनकी देखरेख पर ध्यान केंद्रित करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यदि किसी तालाब पर अतिक्रमण है तो उसे संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाएं ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2019- 20 और 2020-21 के दौरान विभिन्न स्कीमों के तहत कुल 905 तालाबों का सुधार कार्य पूर्ण हो चुका है। 756 तालाबों का कार्य पूर्ण होने के करीब है। वर्तमान में 18 मॉडल तालाबों में घरों से जो गंदा पानी आ रहा है उसे कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड टेक्नोलॉजी द्वारा उपचारित करने के बाद ही तालाबों में डाला जा रहा है। 2020-21 में प्रस्तावित 200 तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द ही आरंभ किया जाएगा।