फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: डंपिंग प्रोसेसिंग प्लांट से उठा 18000 टन कूड़ा,

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। डंपिंग प्रोसेसिंग प्लांट झूरीवाला से कूड़ा से आरडीएफ उठवाने का काम लगातार जारी है। नगर निगम की अधिकृत कंपनी पूजा कंसूलेशन ने कर्मचारी एवं मशीनरी के सहयोग से इस काम में पूरी तेजी ला रखी है। रोजाना सैकड़ों टन कूड़े से आरडीएफ (जलने वाला ईंधन) सोनीपत और बवाना के बिजली प्लांटों में भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

अब इस एरिया में बदवू की समस्या भी खत्म हो गई है। महापौर कुलभूषण गोयल के निरीक्षण के बाद इस काम में और तेजी आ गई है। पूजा कंसूलेशन कंपनी के प्रबंधक मयंक मल्होत्रा ने बताया कि करीब दो महीने से प्रतिदिन 400 से 500 टन आरडीएफ (जलने वाला ईंधन) सोनीपत और बवाना के बिजली प्लांटों में भेजा जा रहा है। कंपनी का दावा है कि अगले कुछ दिन में डंपिंग ग्राउंड को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।
मुख्य सफाई निरीक्षक अविनाश सिंगला ने बताया कि शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन का ठेका लेने वाली एजेंसी की ओर से डंपिंग ग्राउंड से कचरा उठाने के काम में तेजी लाने का असर दिखने लगा है। कचरे के ढेर कम होने से एरिया में बदबू कम होने से लोगों ने भी राहत की सांस ली है। बीते एक महीने में झूरीवाला से 18,000 टन कचरा उठाया जा चुका है। झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड से रोजाना ट्रालों में भरकर यह कचरा सोनीपत के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

रोजाना 10 से 12 ट्रालों में भरकर कचरा सोनीपत के व लिए भेजा जा रहा है। यहां से लगभग 400 टन से ज्यादा कचरा रोजाना हटाया जा रहा है। अब यहां केवल आठ हजार टन के आसपास शेष कचरा बचा है, जिसे अगले कुछ दिनों में हटाने का लक्ष्य तय किया है। मुरथल में ताजपुर रोड पर स्थापित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में कूड़े से बिजली व खाद का निर्माण किया जा रहा है। यह प्रदेश का पहला प्लांट है। जिले में यह प्लांट लगने तक फिलहाल लोगों को कचरे से निजात दिलाने के लिए झरीवाला में एकत्र कचरा सोनीपत जा रहा है।
इस प्लांट में शुरुआत में प्रतिदिन करीब 411 टन कूड़े से बिजली बनाई जाती थी जो अब 650 टन के करीब पहुंच चुका है। भविष्य में लगभग 743 टन कूड़े से बिजली उत्पादन होगा। यहां सोनीपत, गन्नौर, समालखा व पानीपत का कूड़ा पहले से लाया जाता है। प्लांट में प्रति घंटे की दर से नौ मेगावाट बिजली बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें