संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन के कारण पिंजौर-कालका बाईपास पर पहाड़ी के ऊपर बने करीब 180 मकानों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। मकान मालिकों को चिंता सता रही है कि आने वाले दिनों में भारी बरसात की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो उनके मकानों का क्या होगा। उन्होंने कहा के वे बीते कई दिनों से प्रशासन सहित एनएचएआई के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि उनके मकानों को गिरने से बचाया जाए परंतु अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
चेतन गौतम, एडवोकेट विनोद गोरी, अजय तंवर, विशाल शर्मा, कार्तिक शर्मा, कुलदीप आदि ने बताया कि चार दिन से वे नगर परिषद, एसडीएम ऑफिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के समक्ष इस समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यहां पर करीब 180 मकान हैं। भूस्खलन के कारण एक मकान की जमीन खिसक चुकी है। उन्होंने बताया कि मकानों में रह रहे लोग डर के मारे पड़ोस के घरों में या अपना घर छोड़ कर किराए के मकानों में रहने को जा चुके हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि मकान कभी भी गिर सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को हलका कालका विधायक प्रदीप चौधरी लोगों से मिलने पहुंचे। उनके साथ हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव पवन कुमारी शर्मा, नरेश मान आदि मौजूद रहे। इस मौके पर विधायक प्रदीप चौधरी ने लोगों की मांग का समर्थन कर कहा कि एनएचएआई के अधिकारियों को यहां पर स्थाई रूप से डंगे लगाकर इन लोगों की समस्या का समाधान करवाना चाहिए अगर ऐसा नहीं किया तो इनके मकान कभी भी गिर सकते हैं।
विधायक ने कहा कि इस मामले को लेकर वे डीसी पंचकूला से मिलेंगे और उन्हें आग्रह करेंगे कि एनएचएआई के अधिकारियों को सख्ती से आदेश दिए जाएं कि लोगों की समस्या की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द यहां पर इनके मकानों को सुरक्षा प्रदान करवाई जाए। विधायक ने कहा कि ये लोग वर्ष 2011 से संबंधित विभाग के अधिकारियों से उनके मकानों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर डंगे लगाने की मांग कर रहे हैं परंतु विभाग लगातार इनकी मांग को अनदेखा कर रहा है जोकि बिल्कुल गलत है। यदि कल को यहां पर कोई भी जानमाल का नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने कहा कि विभाग को लापरवाही का रवैया छोड़कर इन लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द इसका समाधान करना चाहिए।