नीर भरी बदली हूं मैं, ऐसे व्यर्थ न जाऊंगी, बरसूंगी कारगिल शहीद स्मारक पर, ठंड उनके सीनों पर पहुंचाऊंगी। यह पंक्तियां कारगिल युद्ध की 17वीं वर्षगांठ के मौके पर अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया ने पढ़ी।
इस मौके पर सेक्टर-2 स्थित मेजर संदीप सांखला स्मारक पर पश्चिमी कमांड चंडीमंदिर के जीओसी इन सी (जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ) लेफ्टीनेंट जनरल केजे सिंह और अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया समेत रिटायर्ड फौजियों ने शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
शहीदों की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में जीओसी इन सी लेफ्टीनेंट जरनल केजे सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम में समाज के सभी लोगों को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिले और देश भक्ति के प्रति समर्पित हो। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कारगिल विजय दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मेजर संदीप सांखला एक बहादुर जवान थे, जिनको सर्वोच्च गलेंटरी अवार्ड अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।
सांसद कटारिया ने कहा कि 9 जुलाई को उन्हें संसदीय समिति के सदस्य के रूप में कारगिल जाने का मौका मिला। मातृभूमि की रक्षा के लिए दी गई भारतीय जवानों की शहादत को प्रत्यक्ष रूप से देख कर आए हैं।
भारतीय भूतपूर्व सैनिक मूवमेंट के कर्नल वीडी कालिया ने कहा कि पाकिस्तान ने कारगिल से पहले तीन युद्ध लड़े और उन्हें मुंह की खानी पड़ी। इसी प्रकार ‘ऑपरेशन विजय’ के दौरान भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन विजय में 527 जवानों ने शहादत दी थी और 1363 जवान इस ऑपरेशन में घायल हुए थे।
ट्राइसिटी में बड़ी संख्या में भूतपूर्व और सेवारत सैनिक, उनके परिवार रह रहे हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध में गए जवानों के तरफ से अपने परिवारों को भेजे गए जोशीले पत्रों का भी वर्णन किया। मेजर जनरल राज मल्होत्रा ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन विक्रम बत्रा के इंटरव्यू के दौरान ‘ये दिल मांगे मोर’ का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपनी टुकड़ी के जवानों से पहले आगे बढ़कर शहादत दी।
इस मौके पर पंचकूला सेक्टर-21 स्थित गुरुकुल स्कूल और विवेकानंद मिलेनियम पब्लिक स्कूल एचएमटी पिंजौर के छात्रों ने देशभक्ति गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। मेजर संदीप सांखला के पिता कर्नल कवर सांखला, सांसद रतनलाल कटारिया, अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा, पार्षद लीली बावा, जिला सैनिक बोर्ड के सचिव कर्नल नरेश और शहीदों के परिजनों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहीदों के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर कारगिल के शहीदों को याद किया।