फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: कठिन ट्रेनिंग के बाद आईटीबीपी में शामिल हुईं 179 हिम वीरांगनाएं, 44 सप्ताह बाद मां से मिलने पर रो पड़ीं बेटियां

विज्ञापन
विज्ञापन
ड्रिल, वैपन, मैप रीडिंग व हथियारों ट्रेनिंग लेने वाली हिम वीरांगनाओं के परेड ग्राउंड में उतरते ही दर्शकों ने ताली बजाकर किया स्वागत
विज्ञापन

कई राज्यों से बेटियों के परिजनों ने भी शिरकत, बेटियों का कौशल देखकर हुए गदगद
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। कठिन ट्रेनिंग के बाद भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के भानू स्थित बेसिक ट्रेनिंग सेंटर में शुक्रवार को 179 हिम वीरांगनाएं देश सेवा की शपथ लेने के बाद सुरक्षा बल की मुख्यधारा से जुड़ गईं। इन हिम वीरांगनाओं की लेह लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड, नक्सली एरिया सहित तमाम जगहों पर तैनाती होगी। यह 482वें जीडी बैच का दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह था।
वहीं, पासिंग आउट परेड के बाद 44 सप्ताह बाद मां से मिलने के बाद देश की बेटियों की आंखें नम हो गईं। कुछ बेटियों ने मां को कसकर गले लगाया और रोने लगीं। बेटियों से मिलने के लिए कई राज्यों से परिजन आए हुए थे। इस दौरान बेटियों को वर्दी में देखकर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया। हाथ में राइफल और कदम से कदम मिलाकर जब वीरांगनाओं ने परेड की तो माहौल में वीर रस का संचार हो गया। इस अवसर पर जांबाज टीम बाइकर्स ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर सबको चकित कर दिया।
विज्ञापन


27 राज्यों की 179 हिमवीरांगनाओं ने लिया शपथ
27 राज्यों की 179 हिम वीरांगनाओं ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। 44 सप्ताह तक इन प्रशिक्षणार्थियों को ड्रिल, वैपन, मैप रीडिंग व हथियारों ट्रेनिंग लेने वाली हिम वीरांगनाओं के परेड ग्राउंड में उतरते ही दर्शकों ने ताली बजाकर स्वागत किया। इसका जीडी मंगन नार्थ और जी लेपचा ने किया। इस मौके पर 23वीं वाहिनी की जीडी रंजना को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थियों घोषित किया गया। प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र के महानिरीक्षक एपीएस निंबाडिया ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला प्रशिक्षणार्थियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। तत्पश्चात बैंड और जांबाज टीम बाइकर्स ने विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन किएए, जिनकी दर्शकों ने सराहना की।
विज्ञापन

वर्दी में पोती को देख 101 साल के दादा बोले- किसान का सीना पोती ने गर्व से चौड़ा कर दिया।
समारोह में महिला प्रशिक्षणार्थी जीडी सतबीर कौर के 101 वर्षीय दादा सरदार जीत सिंह आकर्षण का केंद्र रहे। वह पंजाब के संगरूर जिले के गांव छाजली से आए थे। इस मौके पर सरदार जीत सिंह ने कहा, ‘पूरी जिंदगी अन्न उपजाने में लगा दी। आज से मेरी पोती देश सेवा के लिए सरहद पर तैनात होगी। यह मेरे लिए गर्व की बात है। पोती ने मेरे सपने को पूरा करने के साथ गर्व से सीना चौड़ा कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें