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अप्रैल से चंडीगढ़ में लागू हो जायेगा सवर्ण आरक्षण कानून

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चंडीगढ़ में अप्रैल से लागू हो
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जाएगा सवर्ण आरक्षण कानूून

- केंद्र ने यूटी में सवर्ण आरक्षण लागू करने के दिए आदेश
अनुभव अवस्थी
चंडीगढ़। केंद्र शासित चंडीगढ़ में रहने वाले गरीब सवर्णों के लिए अच्छी खबर है। गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के मामले में चंडीगढ़ प्रशासन ने पहल कर दी है। केंद्र से सवर्ण आरक्षण कानून लागू करने का आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने इसे अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। प्रशासन की मानें तो सब कुछ सही रहा तो इसे अगले सत्र अप्रैल माह से लागू कर दिया जाएगा। यदि प्रशासन अपने मकसद में कामयाब रहा तो चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेशों में सवर्ण आरक्षण कानून लागू करने वाला पहला प्रदेश बन जाएगा।
चंडीगढ़ में हायर एजूकेशन सहित अब नौकरियों में भी जल्द सवर्ण आरक्षण कानून लागू हो जाएगा। यहां प्रशासन स्तर पर सवर्ण आरक्षण अगले सत्र से लागू करने की कवायद तेजी से चल रही है। केंद्र सरकार की ओर से एजूकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा को हायर एजूकेशन में सवर्ण आरक्षण कानून लागू करने और संबंधित कालेजों व विश्वविद्यालयों में इसे लागू कराने को लेकर केंद्र के एमएचआरडी की ओर से पत्र मिला है। इस संदर्भ में एजूकेशन सेक्रेटरी का कहना है कि लेटर मिलने के बाद हम इसे जल्द लागू करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। सब ठीक रहा तो आगामी सत्र से शिक्षा में सुधार के साथ ही सवर्ण आरक्षण कानून को लागू करने में कामयाब होंगे। उनका कहना है कि इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।
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सवाल भी उठाए जा रहे
भाजपा समर्थित राज्य तो सवर्णों के लिए हाल ही में संसद में पास हुए 10 प्रतिशत आरक्षण कानून को लागू कर रहे हैं, लेकिन जो राज्य भाजपा समर्थित नहीं हैं, वहां अभी इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यूटी अगर इसे लागू करता है तो इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला यूटी प्रदेश बन जाएगा।

इन्हें मिलेगा आरक्षण का लाभ
साल 2011 में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने सवर्ण पिछड़ा आयोग बनाया था। इस आयोग का काम गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के तरीकों का अध्ययन करना था। इसी आधार पर गरीबों को आरक्षण देने का कानून बनाया गया है। आरक्षण का लाभ उन्हीं लोगों को मिल सकता है, जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से कम है।
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तीन राज्य कर चुके हैं लागू
गरीब सवर्ण आरक्षण कानून को सबसे पहले गुजरात ने लागू किया था। इसके बाद झारखंड और फिर उत्तर प्रदेश ने इसे अपने राज्य में लागू करने का ऐलान कर दिया है। केंद्र की ओर से लेटर मिलने के बाद अब चंडीगढ़ इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी जोरों पर हैं।
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