पहचानता कोई नहीं लेकिन उसकी कला के हैं सैकड़ों दीवाने
- पिंक पैंथर के मेसकोट में डासिंग और मिमिक्री के माध्यम से लोगों का करते हैं मनोरंजन
- प्रो कबड्डी लीग में हर अंतराल पर विवेक को अपनी कला प्रदर्शन के लिए मिलते हैं महज पांच मिनट
- ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में दस दिनों से लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं मुंबई के विवेक
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में राज कपूर का प्रभावी किरदार तो आपको याद होगा। उन्होंने किस तरह एक जोकर बनकर लोगों का दिल जीत लिया। ऐसे हीं एक शख्स पिछले दस दिनों से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में प्रो कबड्डी लीग के दौरान बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकारों की मिमिक्री कर लोगों को हंसा रहे है, लेकिन पर्दे के पीछे का उसका चेहरा अब तक कोई देख नहीं पाया है। वह कौन है और कहां से आया है। यह कोई नहीं जानता। इस लीग के दौरान मैच के हर अंतराल में लोगों को हंसाने के लिए उन्हें महज पांच मिनट का समय मिलता है। इतने कम समय में भी खेल प्रेमी उसकी कला के कायल हो जाते हैं। पिंक पैंथर के मेसकोट में घूमने वाले इस शख्स का नाम विवेक है और वह मुंबई का रहने वाला है। विवेक महज 21 साल का है। 2017 से वह मेसकोट पहनकर लोगों का मनोरंजन कर रहा है। इसकी मिमिक्री के अभिषेक बच्चन से लेकर अक्षय कुमार तक फैन हैं। तभी तो बुधवार को अभिनेता अभिषेक बच्चन उनकी डांसिंग और मिमिक्री से इतने प्रभावित हुए कि विवेक की जमकर तारीफ की। इस दौरान विवेक ने बताया कि आठ किलो वजनी इस कास्ट्यूम को पहनने वाले व्यक्ति को ही मेसकोट कहा जाता है।
पैसों की कमी ने बना दिया मिमिक्री आर्टिस्ट
कभी शाहरुख तो कभी सन्नी देओल की मिमिक्री कर लोगों का दिल जीतने वाले विवेक को डासिंग में कैरियर बनाना था, लेकिन पैसों की कमी और जरूरत ने मेसकोट में दर्शकों को हंसाने वाले डासिंग और मिमिक्री आर्टिस्ट बना दिया। विवेक ने बताया कि यहां तक के सफर को पूरा करने में उसकी मदद उसके दोस्त अंकित ने की। जब पैसों की जरूरत पड़ी तो विवेक ने अपने दोस्त अंकित को बताया। जिसके बाद उसने काम बताया लेकिन उस समय मुझे मालूम नहीं था कि काम क्या है। फिर अंकित ने बताया कि तुम्हें मेसकोट पहनकर डांस और मिमिक्री के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करने की बात कही। मेसकोट क्या होता है, तब मुझे इसकी जानकारी तक नहीं थी। विवेक ने बताया कि उसे बस इतना पता था कि लोगों को हंसाना है और उनका मजाक करना है। जो कि उसे शुरू से पसंद था इसलिए अंकित के प्रस्ताव पर विवेक तुरंत राजी हो गया और उसकी इसी अदा को खेल प्रेमी पसंद करते हैं।
पहली बार में मिली निराशा
विवेक ने बताया कि पहली बार जब वह हैदराबाद में दर्शकों का मनोरंजन करने गया तो उसे बहुत निराशा मिली। उसे लगा कि उससे नहीं हो पाएगा। लेकिन उसके बाद उसने मेसकोट के बारे में इंटरनेट पर जानकारी जुटाई और अगले दिन जब परफार्म किया तो सब खुश हो गए। विवेक ने बताया कि पहले उसने यह काम मजबूरी में चुना था लेकिन अब उसे इस काम से इतना प्यार है कि अब वह कोई भी मौका नहीं छोड़ते। पिछली बार तीन महीने कबड्डी लीग में विवेक ने ही लोगों का मनोरंजन किया।
मेसकोट के बिना मिले अभिनेता तो जाहिर करूंगा इच्छा
इससे पहले विवेक ‘बनजा मेरी जीएफ’ एलबम के गाने में भी डांसर रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह इसलिए डांस शो में नहीं जा रहे क्योंकि अभी उन्हें बहुत कुछ सीखना है। विवेक के अनुसार उन्हें एक्टिंग का भी शौक है। सभी अभिनेता जल्दबाजी में उनसे मिलते है। लेकिन जिस दिन वह किसी अभिनेता से मेसकोट के बिना मिले तो वह फिल्मों में रोल के प्रति उनके सामने अपनी इच्छा जरूर जाहिर करेंगे।