फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

25 को डे-नाइट प्रोटेस्ट में आ रहे हैं धर्मवीर गांधी

विज्ञापन
विज्ञापन
कैंपस पेज की लीड
विज्ञापन


फोटो
आजादी के लिए बदलेगा प्रोटेस्ट, सांसद धर्मवीर गांधी छात्राओं से जुड़ेंगे
एसएफएस के पदाधिकारी व काउंसिल अध्यक्ष ने की प्रेसवाता, वीसी कार्यालय से घर तक होगा घेराव
दूसरे चरण में आएंगे पंजाबी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुरजीत सिंह, योगेंद्र यादव को फिर बुलाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने की मांग को लेकर चल रहे प्रोटेस्ट का रुख अब बदलने जा रहा है। 25 नवंबर को पटियाला से सांसद धर्मवीर गांधी छात्राओं के साथ जुड़ने जा रहे हैं। वह दिन में दो बजे प्रोटेस्ट में शामिल होकर छात्राओं का हौसला बढ़ाएंगे। दूसरी कड़ी में पंजाबी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुरजीत सिंह को बुलाए जाने की भी तैयारी है। इसके साथ ही राजनेता व राजस्व इंडिया के हेड योगेंद्र यादव को दोबारा कॉल किए जाने की योजना चल रही है। छात्राओं ने साफ कह दिया है कि यह प्रोटेस्ट बहुत आगे जाएगा। वीसी के कार्यालय से लेकर घर तक का भी घेराव करेंगे, चाहे कई दिन तक करना पड़े।

पीयू में काम कर रहा आरएसएस का दिमाग
यह बात पीयू के हॉस्टल नंबर तीन के बाहर स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया व एसएफएस पदाधिकारी हरमन व हसनप्रीत ने प्रेसवार्ता में कही। अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि पीयू में आरएसएस का दिमाग काम कर रहा है, जो छात्र-छात्राओं की इच्छाओं को, उनकी आजादी को कुचल देना चाहती है, लेकिन ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा 26 दिन से प्रोटेस्ट चल रहा है, लेकिन वीसी को हमारी डिमांड तक पता नहीं, यह शर्म की बात है। कमेटी पर कमेटी बनाई जा रही है, लेकिन निर्णय किसी का नहीं आ रहा है। छात्राओं के साथ दोगला व्यवहार किया जा रहा है। वीसी स्टूडेंट्स से नहीं मिल रहे हैं, जिन छात्रों को मिलने के लिए बुलाया भी जा रहा है तो वह भी चिन्हित होते हैं। स्टूडेंट्स अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजा व वजीर के रूप में यहां काम चल रहा है। कुछ आरएसएस के चुनिंदा लोग हर बार मीटिंग में बैठाए जाते हैं। काउंसिल के कुछ पदाधिकारी भी उन्हीं की जुबान बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई और आगे बढ़ेगी। हॉस्टल की ट्रांसपरेंसी नहीं की जा रही है। रात को बसें छात्राओं के लिए नहीं चल पा रही हैं। ई-रिक्शा आदि पर ताले लगा दिए गए हैं। ऐसे में छात्राएं हॉस्टल तक जाएं तो कैसे? हॉस्टल में मोबिलिटी रजिस्टर तीन-तीन हैं। यह नियम छात्रों के हॉस्टल में नहीं है। ऐसे में छात्राएं रजिस्टर की बात को कैसे सहन कर सकती हैं। नियम सभी के लिए एक होने चाहिए। अगर रजिस्टर रखना ही है तो मुख्य गेटों पर रखें। वहां सभी से अंडरटेकिंग बाहर जाने पर ली जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीयू कैश में शामिल हो स्टूडेंट्स के प्रतिनिधि
अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि पीयू कैश की मीटिंग में कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। छात्र-छात्राओं की ओर से कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होता है। पुलिस और यहां की इस कमेटी के नियमों में कोई अंतर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें स्टूडेंट्स के प्रतिनिधि होने चाहिए। एसएफएस पदाधिकारी हरमन ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने वाले इस देश में बहुत हैं। प्रोटेस्ट में वह हमसे जुड़ रहे हैं। एमपी धर्मवीर गांधी प्रोटेस्ट में शामिल होने आ रहे हैं। दूसरे चरण में पंजाबी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुरजीत सिंह आदि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं ने अपनी मांग के लिए पिछले सालों में कैसे कदम उठाए हैं, उसके बारे में अधिकारियों को नहीं पता है। हसनप्रीत ने कहा कि इस प्रोटेस्ट के जरिये छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। धरना स्थल पर लाइट आदि की व्यवस्था हो गई है। पढ़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि यहां के जिम्मेदार हर बार लड़कियों की सिक्युरिटी को मुद्दा बनाकर मांग मानने से इनकार कर देते हैं, लेकिन पीयू कैश की मीटिंग में ही छात्राओं का शोषण किया जा रहा है। पीयू कैश की मीटिंग के लिए होर्डिंग तक लगाने से इनकार कर दिया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के जिम्मेदार पीयू को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें