नो वेंडिंग जोन पर व्यापारी और पार्षद आमने-सामने
पार्षदों और मेयर के घर भी फड़ी वालों को दे देने चाहिए : व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-19 और 22 को नो वेंडिंग जोन बनाने के फैसले को पार्षदों ने पलट दिया है, इस फैसले से यहां के दुकानदार नगर निगम से नाराज हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही इन मार्केट्स में काफी कियोस्क रहता है। आपातकालीन स्थिति में यहां पर दमकल गाड़ियां नहीं घुस पाती हैं। सेक्टर-17 में भी पार्षदों ने कियोस्क बनाने के लिए संभावनाएं तलाशने को कहा है। इस समय सबसे ज्यादा फड़ी लगाने की मांग सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट, सेक्टर-19 के पालिका बाजार और सदर बाजार में रहती है, जबकि सेक्टर-17 के प्लाजा भी शाम को फड़ी बाजार में तबदील हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम इन मार्केट से वेंडर्स को हटाकर दूसरी मार्केट में अडजस्ट करे, ताकि दूसरे बाजारों का कारोबार भी बढ़े।
मेयर और पार्षद शहर को कर रहे गंदा : जैन
सेक्टर-22डी की मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर जैन का कहना है कि मेयर और पार्षद शहर को गंदा कर रहे हैं। सेक्टर-22 में इस समय फुटपाथ और पार्किंग में फड़ियां लग रही हैं। पार्षदों ने सेक्टर-22 को नो वेंडिंग जोन बनाने के फैसले को खारिज कर गलत किया है। उनका कहना है कि पार्षदों और मेयर को शहर से बाहर करना चाहिए और उनके घर रेहड़ी-फड़ी वालों के हवाले कर देना चाहिए। उनका कहना है कि नगर निगम की इमारत में फड़ी वालों को बिठा देना चाहिए।
दुकानें बंद कर करेंगे विरोध
व्यापार मंडल के महासचिव एवं सेक्टर-17 के व्यापारी संजीव चढ्ढा का कहना है कि प्लाजा सिटी का हार्ट है। नगर निगम फड़ी वालों के साथ मिलकर इसकी सुंदरता को बिगाड़ रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन ने नो वेंडिंग जोन का फैसला लेकर ठीक किया। अगर नगर निगम ने इस फैसले में बदलाव किया तो यहां के व्यापारी विरोध करेंगे। अगर दुकानें भी बंद करनी पड़ीं तो व्यापारी पीछे नहीं हटेंगे।
हर सेक्टर में बनना चाहिए वेंडिंग जोन
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल वोहरा का कहना है कि सेक्टर-17, 22 और 19 सहित सभी बाजारों में वेंडिंग जोन बनने चाहिए। लेकिन यह बाजारों से 100 मीटर की दूरी पर हाें। उनका कहना है कि पिक एंड चूज की पॉलिसी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन ने जो वेंडिंग जोन तय किए हैं, वह बाजारों के बिल्कुल पास और कई तो पार्कों में बना दिए गए हैं, ऐसे में नगर निगम खारिज करके ठीक किया है।
नए सिरे से तय होंगे वेंडिंग जोन
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि प्रशासन ने जो वेंडिंग जोन तय किए थे, उनमें कई खामियां थीं। वास्तुकार विभाग को नए सिरे से पार्षदों की राय लेने के बाद वेंडिंग जोन बनाए जाने चाहिए। पूरे शहर की जनसंख्या के अनुसार नहीं बल्कि हर सेक्टर की जनसंख्या के आधार पर हर एरिया में ढाई प्रतिशत वेंडर्स की जगह तय होनी चाहिए।