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डेंटिस्ट को डॉक्टर न मानने की दलील के विरोध में आई इंडियन डेंटिस्ट एसोसिएशन, हाईकोर्ट में याचिका

Thu, 11 Jul 2019 02:20 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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डा. मोहित धवन पर एनआरआई के इलाज में कोताही के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद अब इससे एक नया विवाद जुड़ गया है। यूटी पुलिस ने डेंटिस्ट को डॉक्टर मानने से ही इनकार कर दिया, जिसके बाद अब इंडियन डेंटिस्ट एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को प्रतिवादी बनाने की मांग की है।
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एक एनआरआई महिला ने चंडीगढ़ के डा. मोहित धवन पर इलाज में कोताही का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के चलते अग्रिम जमानत की मांग को लेकर डा. धवन ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

धवन ने अपनी याचिका में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत इलाज में कोताही के मामले में पुलिस सीधा एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती है। इसके लिए पहले सरकारी डॉक्टरों की एक कमेटी बनती है जो आरोपों की जांच करती है और अपनी रिपोर्ट सौंपती है।
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इस रिपोर्ट में यदि पुष्टि होती है कि इलाज में लापरवाही हुई थी तो ही पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है। जबकि इस मामले में पुलिस ने केवल शिकायत के आधार पर ही केस दर्ज कर लिया। इस मामले में हाईकोर्ट के नोटिस के बाद यूटी पुलिस ने जवाब दाखिल कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश डाक्टरों के मामलों में है जबकि डेंटिस्ट डाक्टर नहीं होते।

ऐसे में यह नियम उन पर लागू नहीं होता। पुलिस का मानना है कि डेंटिस्ट मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से रजिस्टर्ड भी नहीं होते। इसके खिलाफ इंडियन डेंटिस्ट एसोसिएशन की तरफ से बुधवार को हाईकोर्ट में एक अर्जी देकर कहा गया कि प्रशासन द्वारा डेंटिस्ट को डॉक्टर न मानना सही नहीं है। इस फैसले से केवल एक डॉक्टर पर नही पूरे देश के डॉक्टरों पर इसका असर पडे़गा।

डेंटिस्ट सर्जन भी होते हैं और वे सभी वह काम करते हैं जो अन्य डाक्टर करते हैं। ऐसे में इस मामले में एमसीआई को भी प्रतिवादी बनाया जाए। हाईकोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई 1 अगस्त के लिए स्थगित कर दी।
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